सब्र का बांध टूट रहा है इनका

0
915

डा.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में बीते कई सालों से काम कर रहे ठेका कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूटने की कगार पर है। लगातार उपेक्षा के शिकार ठेका कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त होता जा रहा है। उसके बाद भी मरीज हित में ठेका कर्मचारी उग्र प्रदर्शन नहीं करना चाहते हैं। ठेके पर अपनी सेवायें दे रहे कर्मचारियों की माने तो उनका भविष्य अंधकार मय है। कर्मचारियों की सरकार से मांग है कि ठेके पर कार्यरत १००० कर्मचारियों को कम्पनी से लेकर सीधे संस्थान से जोड़ा जाये। अपनी मांग को लेकर ठेका कर्मचारियों ने पत्र अभियान शुरू कर दिया है।

सभी १००० ठेकाकर्मचारी बारी-बारी से मुख्यमंत्री,चिकित्सा शिक्षा प्रमुख सचिव तथा लोहिया संस्थान के निदेशक को स्पीड पोस्ट कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वो काम तो लोहिया संस्थान के लिए करते है,लेकिन जबभी कोई जरूरत होती है। तो कम्पनी का कर्मचारी कहकर अधिकारों से भी वंचित कर दिया जाता है। इतना ही नहीं ठेका कर्मचारियों तथा उनके परिवार को इलाज में रत्तीमात्र भी सुविधा नहीं मिलती। कई कर्मचारी तो ऐसे भी हैं,जिनका वेतन घर का खर्च चलाने में निकल जाता है,जब इलाज की जरुरत पड़ती है,तो उधार लेकर इलाज कराना पड़ता है। संस्थान की तरफ से इलाज में कोई रियायत नहीं मिलती है।

डा.राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रणजीत सिंह यादव ने कहा है कि १६ फरवरी से रोजाना २० कर्मचारी रोजानास्पीड पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री,प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं शिक्षा तथा लोहिया संस्थान के निदेशक को पत्र भेज रहे हैं। जिसमें कर्मचारियों को कम्पनी से लेकर सीधे लोहिया संस्थान से जोड़ा जाये। उन्होंने बताया कि यह सिलसिला तबतक चलता रहेगा। जबतक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती है।


अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.

Previous articleयहां दस प्रतिशत महिलाओं की नई भर्तियां
Next articleचार कुलपतियों की नियुक्ति

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here