लखनऊ। बढ़ती बीमारियों के साथ ही पैथालॉजिकल जांच की नयी तकनीक आती जा रही है, इन नयी जांचों से बीमारियों का समय रहते बेहतर इलाज किया जा सकता है। इसके अलावा डाक्टर को अन्य अपडेट की जानकारी होना आवश्यक है। इन सब की जानकारी इंडियन एसोसिएशन आफ पैथालाजिस्ट की तीन दिवसीय कार्यशाला में विशेषज्ञ डाक्टर देंगे।
पत्रकार वार्ता में पैथालॉजी विभाग की वरिष्ठ डा. रश्मि कुशवाहा ने बताया कि कार्यशाला में देश व विदेश के लगभग 400 पैथालाजिस्ट भाग ले रहे है, जो कि लंग कैंसर, किडनी कैंसर, मुंह व प्रोस्टेट के अलावा अन्य अंगों में विभिन्न बीमारियों की जांच कैसे की जाए। इसकी जानकारी देंगे।
इनमें प्रमुख रूप से मुम्बई के टाटा मेमोरियल हास्पिटल के डा. सुमित गुजराल ब्लड कैंसर की जांच पर नयी तकनीक की जानकारी देंगे। इसके अलावा किडनी कैंसर पर डा. अरूना जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों में डा. वत्सला मिश्रा. प्रो. नुजहत हुसैन, प्रो. शशिकला, डा. अमिता जैन भी पैथालॉजी की जांच में नये प्रबधंन की जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि अगर देखा जाए तो बच्चों में ब्लड कैंसर सबसे ज्यादा देखा गया है। इस कैंसर में देखा गया कि अगर गर्भावस्था के दौरान अगर मां पोषण युक्त भोजन का लगातार सेवन न करें, तो नवजात शिशु कुपोषित तो होता ही है, लेकिन ब्लड कैंसर के होने की ज्यादा आशंका होती है।कार्यशाला का उद्घाटन केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएल बी भट्ट होंगे।















