लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में शुक्रवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में साफ्टवेयर में करोड़ों रुपये के घोटाले में डा. बाखलू बंधुओं के आरोपों की जांच के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। इसके साथ ही पीडियाट्रिक व ट्रामा इमरजेंसी विभाग के एक – एक डाक्टर का त्याग पत्र भी स्वीकार कर लिया गया। इसके अलावा अन्य मुद्दों पर चर्चा की गयी। वही अग्नि कांड में दोनों निलम्बित अधिशासी अभियंता को बहाल कर दिया गया।
केजीएमयू में दूसरे चरण में कार्यपरिषद की बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दे के तहत साफ्टवेयर सीपीएमएस में करोड़ों रुपये के घोटाले में डा. बाखलू बंधुओं के आरोपों की गयी जांच रिपोर्ट को कार्यपरिषद में रखी गयी। इसके आधार पर छह सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। इसके अलावा डा. सूर्यकांत पर प्राइवेट प्रैक्टिस के लगे आरोपों की जांच के लिए भी छह सदस्यीय अनुशासनात्मक समिति का गठन कर दिया गया। इसके अलावा डा. नईम अहमद तथा डा. ओपी सिंह की आचार्य पद पर प्रोन्नति के लिफाफे को परिनियमावली में दी गयी व्यवस्था के तहत राज्यपाल को विचारार्थ भेज दिया गया। कार्यपरिषद की बैठक में पीडियाट्रिक सर्जरी के डा. तनवीर रोशन खान, ट्रामा इमरजेंसी विभाग डा. कमार आजम के त्याग पत्र को स्वीकार कर लिया गया।
कार्यपरिषद में यह भी निर्णय लिया गया कि डा. केपी सिंह सह आचार्य (निलम्बित), व डा डीके कटियार के सम्बध में अनुशासनत्मक समिति में न्यायमूर्ति शैलेन्द्र सक्सेना ( सेवानिवृत्ति) को वी बी सिंह पुलिस महानिदेशक ( सेवानिवृत्ति) के स्थान पर शामिल करने की संस्तुति की गयी। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय ट्रामा सेंटर अग्निकांड में निलम्बित अधिशासी अभियंता राम वेलास वर्मा तथा दिनेश राज को बहाल कर दिया गया।















