लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में शुक्रवार को होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में आईटी क्षेत्र में दो डाक्टर बंधुओं पर कार्रवाई हो सकती है। इन दोनों डाक्टर बंधु पर ऑनलाइन सिस्टम में प्रयोग होने वाले करोड़ों रुपये के साफ्टवेयर बेचने व लैपटॉप घोटाले का आरोप है। जांच रिपोर्ट के आधार पर चर्चा के बाद कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा डा. ओपी सिंह व डा. नईम अहमद पर कार्रवाई के बाद उनके जबाव पर चर्चा होने की उम्मीद है।
केजीएमयूमे ऑन लाइन सिस्टम में प्रयोग होने वाले साफ्टवेयर को डा. बाखलू बंधुओं ने अपनी कम्पनी बनाकर खरीद लिया था। इसमें दो करोड़ से ज्यादा रुपये का घोटाला किया गया था। आईटी सेक्टर देखने वाले डा. बाखलू पूर्व कुलपति प्रो. रविकांत के काफी करीबी बताये जाते है। इसके अलावा मेडिकोज की ऑनलाइन परीक्षा कराने के लिए सैकड़ों की तादाद में लैपटॉप खरीद लिए थे, लेकिन तकनीकी तौर पर यह लैपटॉप परीक्षा में प्रयोग होना मुश्किल था। इसमें भी नियमों का ताक पर मनमाने तरीके से लैपटॉप खरीद कर लाखों रुपये का भुगतान किया गया। केजीएमयू प्रशासन ने अपने को बचाने के लिए जांच कमेटी बना कर जांच करा ली, लेकिन जांच कमेटी पर बाखलू बंधु ने आपत्ति प्रकट की थी। इससे पहले भी हुई कार्यपरिषद की बैठक में डा. बाखलू बंधु पर सही तरीके से चर्चा नहीं हो पायी थी। क्योंकि इस बैठक में डा. ओपी सिंह व डा. नईम अहमद पर फर्जी दस्तावेज लगाकर प्रमोशन लेने पर कार्रवाई की गयी थी।
कल होने वाली बैठक में डा. नईम व डा. ओपी सिंह के जवाब पर चर्चा होगी। इसके अलावा पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डा. सूर्यकांत पर लगे आरोप को कार्यबैठक में रखा जाएगा। चर्चा है कि कार्यपरिषद में देखना होगा कि कितने सदस्य डा. बाखलू बंधु पर कार्रवाई के लिए सहमत होते है।















