लोहिया अस्पताल के निलम्बित डाक्टर ने किया सर्जरी, हुई मौत

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लखनऊ। मड़ियांव क्षेत्र के निजी अस्पताल में मरीज की रविवार सुबह मौत गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के निलंबित सर्जन ने किया था। यह सर्जन लगभग दो वर्ष पहले लोहिया अस्पताल से मरीज ले जाकर निजी अस्पताल में सर्जरी कर रहा था, जहां पर मरीज की मौत हो गयी थी। सोमवार को सीएमओ कार्यालय के अधिकारियों की टीम निजी अस्पताल पहुंची तो इसका खुलासा हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने गड़बड़ियों के खुलासे के बाद निजी अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया। वहां पर मिले मरीजों को सरकारी अस्पताल में रेफर करा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने निलंबित डाक्टर की जानकारी शासन सहित एमसीआई को भेजने की तैयारी चल रही है।

बताते चले कि करीब एक सप्ताह पहले को सीतापुर निवासी रामचंद्र को पेट में दर्द की शिकायत के बाद मड़ियाव के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद तत्काल आपरेशन करने के लिए कहा था। इसके बाद डॉ. एके श्रीवास्तव ने सर्जरी की, पर कल( रविवार )सुबह मरीज की मौत पर परिवारजनों ने हंगामा किया। रामचंद्र के बेटे नीरज का आरोप है कि 62 हजार रुपए इलाज पर वसूल लिए गए थे। परिवारीजनों का आरोप है कि ऑपरेशन में गड़बड़ी हुई। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया। कई बार बुलाने पर भी मरीज को देखा नहीं गया। इससे मरीज की मौत हुई। सोमवार को सीएमओ कार्यालय की टीम ने नर्सिंग होम पहुंचकर छानबीन की।

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सोमवार को मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल पहुंची। टीम में डिप्टी सीएमओ डा. डीके बाजपेई, डॉ आरके चौधरी और डिप्टी सीएमओ डॉक्टर सुनील कुमार रावत शामिल थे। टीम छानबीन कर रही थी कि तो देखा कि मरीज की बीएचटी पर डॉ. ए के श्रीवास्तव का नाम दर्ज होने के साथ ही मोबाइल नंबर भी लिखा हुआ था। टीम ने मोबाइल नंबर मिला कर डा. ए के श्रीवास्तव से बात चीत की तो पता चला कि यह लोहिया अस्पताल में बतौर सर्जन तैनात थे। इन डाक्टर करीब 2 साल पहले प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान मरीज की मौत के मामले में कार्रवाई की गयी थी। मामला कोर्ट में पहुंचा शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया स्वास्थ्य महानिदेशालय से अटैच कर दिया। इसके अलावा टीम ने पाया कि नर्सिंग होम पंजीकरण समय दिए गए डॉक्टर नहीं मिले।

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