बेकाबू हो गये परिजन आैर डाक्टरों के साथ यह कर दिया….

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Photo Source: www.q8india.com

लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्व विद्यालय स्थित बालरोग विभाग में बीती रात इलाज के दौरान तीन साल की बच्ची की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान परिजन इतने बेकाबू हो गये कि मौके पर मौजूद एक जूनियर रेजीडेंट सहित तीन अन्य जूनियर डाक्टरों को घेर लिया और धक्का मुक्की कर हाथपायी करने लगे। हंगामें की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। इस पर परिजन बच्ची का शव लेकर घर चले गये। परिजनों का आरोप था कि मौके पर मौजूद डाक्टर की लापरवाही से बच्ची की जान गयी है, जबकि डाक्टरों ने इस बात से इंकार करते हुए बताया है कि बच्ची के सीने में पस भरा हुआ था, उसकी हालत काफी गंम्भीर थी, परिजन ही एम्बुबैग से आक्सीजन देने में लापरवाही कर रहे थे। फिलहाल केजीएमयू प्रशासन ने रेजीडेंट व जूनियर डाक्टरों की शिकायत पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।

खदरा निवासी कलीम ने अपनी तीन वर्षीय बच्ची सादिका को सात दिन पहले बाल रोग विभाग में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान मरीज सादिका की हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ती जा रही थी। रविवार की रात लगभग 11 बजे मरीज सादिका की हालत खराब होने लगी। मौके पर मौजूद रेजीडेंट ने आकर देखा तो बच्ची की पल्स काफी धीमे चल रही थी और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस पर रेजीडेंट ने एम्बुबैग से बच्ची को सांस देना शुरू किया। इसके बाद बच्ची की मां को एम्बुबैग पकड़ा कर रेजीडेंट किसी दूसरे मरीज को देखने चले गये। इस दौरान सादिका की मां लगातार एम्बुबैग चलाती रहीं। उसी दौरान बच्ची की मौत हो गयी। वहीं परिजनों का आरोप था कि गलत इंजेक् शन देने से बच्ची की जान गयी।

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वहीं बाल रोग की विभागाध्यक्ष डा. रश्मि कुमार की माने तो बच्ची की हालत गम्भीर थी,साथ ही बच्ची को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी,जिसके चलते बच्ची को एम्बुबैग से सांस दी जा रही थी,लेकिन एक अन्य महिला ने आकर बच्ची की मौत की गलत खबर उसकी मां को दी, जिसके बाद सादिका की मां ने एम्बुबैग चलना बंद कर दिया और बच्ची की मौत हो गयी। उनका कहना है कि इसके बाद परिजनों के परिचितों ने आकर हंगामा शुरू कर दिया आैर रेजीडेंट व जूनियर डाक्टरों से गाली गलौज करते हुए हाथपायी करने लगे। प्राक्टर डा. आरएएस कुशवाहा ने बताया कि बाल रोग विभाग के रेजीडेंट व जूनियर डाक्टरों लिखित शिकायत हस्ताक्षर करके दी। इसके आधार पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा कर जांच कराने के आदेश दे दिये है।

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