लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक और इनकाउंटर बुधवार सुबह पुलिस ने किया। एक बड़े कारोबारी के घर डाका डालने आए आधा दर्जन बदमाशों की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। करीब आधे घंटे तक दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। इस दौरान गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए। जबकि पुलिस ने घेराबंदी करते हुए तीन बदमाशों को दबोच लिया। पुलिस घायल हुए बदमाशों को अस्पताल में भर्ती कराया है जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ की जा रही है।
लखनऊ पुलिस को बुधवार तड़के सूचना मिली कि गाजीपुर थानाक्षेत्र के कुकरैल बंधे के पास 5 बदमाश किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। ये सभी इन्दिरानगर के व्यापारी के घर डकैती डालने जा रहे हैं। सूचना पर सरोजनीनगर थाना और गाजीपुर थाने की पुलिस ने मिलकर इन बदमाशों को ट्रेस किया और मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इन्हें कुकरैल बंधे के पास घेर लिया। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस की ओर से भी फायरिंग की गई, जिसमें 5 में से 2 बदमाशों के पैर में गोली लगी।
अपने साथियों को घायल देख अन्य तीन बदमाशों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने घायल बदमाश रेहान और अनवर को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं, तीन बदमाश तौसीफ सादिक और विकास को गिर तार कर लिया है। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि बदमाश इंदिरानगर के व्यापारी के घर पर डकैती डालने जा रहे हैं। इसपर पुलिस ने उनको ट्रेस किया। मुठभेड़ में दो बदमाश घायल हैं और तीन को गिर तार कर लिया गया है। इनके पास से दो असलहे, नींद के इंजेक्शन, 50 कारतूस और स बल बरामद हुआ है।
अबकी बार तीसरा इनकाउंटर
राजधानी पुलिस अब तक तीसरी बार इनकाउंटर की कार्रवाई की है। इससे पहले भी पुलिस ने एक 12 हजार के इनामी डकैत को इनकाउंटर में दबोचा था। जब वह सरोनीनगर इलाके में पुलिस पर फायरिंग कर भाग रहा था। जबकि उसके बाद पुलिस ने कई प्रदेशों में आतंक का पर्याय बने शार्प शूटर व सुपारी किलर सुनील शर्मा को शहीद पथ पर इनकाउंटर में मारा था। गाजीपुर में बदमाशों से हुई भिडंत तीसरी इनकाउंटर की कार्रवाई हुई है।
इस तरह से बदमाशों के पास पहुंची सूचनाएं
पुलिस ने बताया कि कारोबारी के घर बंसत किशोरा अवस्था से ही काम करता था, जिसके कारण उसको उनके घर के बारे में काफी जानकारी थी। इसके साथ ही बंसत के साथी प्रिंस के पिता भी वहां पर काम करते थे। पुलिस का कहना है कि बंसत ने प्रिसं से कारोबारी प्रदीप बसंल के घर की जानकारी साझा की थी। इस पर प्रिंस ने अपने साथी अनुज को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद अनुज ने गिरफ्तार बदमाश सादिक हुसैन को कारोबारी के घर में मौजूद रकम, जेवरात समेत अन्य बातों की जानकारी दी थी, जिसके बाद सभी बदमाश बुधवार तड़के योजनाबद्व तरीके से डकैती डालने जा रहे थे। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले नौकर और अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
फिर नहीं सुनी किसी ने फायरिंग की आवाज
राजधानी पुलिस सरोजनीनगर में हुए इनकाउंटर के बाद सवालों के घेरे में आ गई थी। यहां भी पुलिस ने इनकाउंटर की जो थ्योरी बताई थी वह किसी के गले नहीं उतरी थी। किसी ने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी थी। यहां तक कि डकैत जिस बाइक से भाग रहा था उस बाइक मेें पेट्रोल नहीं था। वैसा ही गाजीपुर में हुई मुठभेड़ में भी देखने को मिला। जहां करीब आधे घंटे तक फायरिंग तो हुई लेकिन किसी ने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी।