लखनऊ। राजधानी के कैसरबाग स्थित सुन्दरबाग के पॉश इलाके में रविवार को एक प्लास्टिक गोदाम में भीषण आग लग गई। आग लगने की सूचना पुलिस और दमकल को दी गई। साथ ही लोगों ने भी आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग और भी विकराल हो गई। बाद में दमकल की एक दर्जन गाडियों ने करीब दो घंटे बाद आग पर काबू किया। आग लगने के कारण का पता नहीं चल सका है।
सुन्दरबाग के पॉश इलाके में आशीष जायसवाल ने मकान के दूसरी मंजिल पर प्लास्टिक का गोदाम बना रखा है। सुबह करीब साढ़े पांच बजे संदिग्ध हालात में गोदाम में भीषण आग गई। गोदाम के बगल में रहने वाले जुबैर नाम के व्यक्ति ने दमकल को सूचना दी। सूचना देने के करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। तब तक आग विकराल हो चुकी थी। आग का गुबार देख दमकल ने अन्य गाडियां भी मौके पर बुला ली। करीब एक दर्जन दमकल की गाडियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया। तब जाकर दो घंटे बाद आग पर काबू किया जा सका।
होटल छोड़कर भागे लोग
कैसरबाग स्थित जिस प्लास्टिक गोदाम में आग लगी थी। उसके ठीक बगल में ही एक होटल है। गोदाम में जब आग विकराल हुई तो उसके लपटें होटल तक पहुंचने लगी। यह देख होटल में ठहरे लोग दहशत मेें आ गए। कुछ ही देर बाद होटल में अफरा तफरी मच गई। लोग अपना कमरा छोड़कर बाहर भाग खड़े हुए । करीब दो घंटे बाद लोग वापस अपने कमरे में लौटे जब आग पर काबू किया जा सका।
आग लगने का कारण पता नहीं
प्लास्टिक गोदाम में लाखों रुपए कीमत का सामान के साथ ही स्क्रैप भी रखा हुआ था। यही वजह थी कि आग लगते ही वह विकराल हो गई। हालांकि आग कैसे लगी इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। आशंका जताई जा रही है कि शार्ट सर्किट से आग लगी है। फिलहाल जांच की जा रही है।
नहीं थे आग बुझाने के संशाधन
जिस प्लास्टिक गोदाम में आग लगी थी। वहां पर अग्नि शमन यंत्र मौजूद नहीं थे। यही वजह थी कि जब गोदाम में आग लगी उसके बाद पर काबू नहीं पाया जा सका। जबकि ऐसे गोदाम और फैक्ट्री को तभी एनओसी दी जाती है जब अग्निशमन की ओर से दिए गए सभी मानकों को पूरा किया जाए। बावजूद इसके अवैध तरीके से इस गोदाम को बना रखा गया था।
इतनी सकरी लगी कि कोई भाग भी न पाए
जहां पर गोदाम बनाया गया था वहां इतनी सकरी गली थी कि अचानक जरूरत पडने पर वहां से कोई भाग भी न पाए। यही वजह थी कि आग लगने के बाद जब दमकल की गाडियां मौके पर पहुंची तो वो भी घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी। बाद में किसी तरह से पाइप के सहारे गोदाम तक पहुंचा जा सका।















