लखनऊ। आईएएस अनुराग तिवारी की मौत के मामले में गठित एसआईटी टीम कर्नाटक में जांच के बाद कोई अहम सुराग नहीं जुटा पाई। हालांकि आईएएस के परेशान रहने की वजह को लेकर वहां के अधिकारी भी दबी जुबान से कह रहे हैं। हालांकि वहां पहुंची एसआईटी टीम इसकी वजह नहीं पता कर सकी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कर्नाटक स्थित आईएएस के कमरे को खंगाला तो उसमें सिगरेट और मादक पदार्थ भी मिले थे।
एसआईटी नहीं पहुंची किसी नतीजे पर
एसआईटी टीम आईएएस के भाई मयंक को लेकर गत एक जून को बैंगलूरू गई थी। वहां पहले जांच टीम ने आईएएस के कार्यालय में पूछताछ की फिर उनके कमरे की तलाशी ली थी, जहां से जांच टीम को दो लैपटाप मिले। साथ ही दवा के कई पर्चे भी जांच टीम ने बरामद किए। पर्चो के जरिए जांच टीम ने डॉक्टर से सम्पर्क किया और उनसे पूछताछ की तो कई चैकाने वाली बातें सामने आयीं। डॉक्टर ने बताया कि आईएएस अनुराग को दमे की शिकायत थी, जिसका उपचार भी चला था। इसके साथ ही वह अत्यधिक नशा करते थे। कई बार उन्हें इससे परहेज करने के लिए भी बोला गया था। लेेकिन उनकी सिगरेट कम नहीं हो रही थी।
यही नहीं डॉक्टर ने एसआईटी को यह भी बताया कि वह किसी तनाव में थे जिसके चलते सिगरेट पीते थे। हालांकि तनाव का कारण डॉक्टर नहीं बता सके। चर्चा है कि कर्नाटक में किसी बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने वाले थे। इस बात को लेकर उन पर प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था।
यह था मामला –
गत 17 मई की सुबह आईएएस अनुराग तिवारी का शव हजरतगंज स्थित मीराबाई गेस्ट हाउस के बाहर औंधे मुंह पड़ा था। उनके चेहरे पर चोट थी और नाक से खून का रिसाव हो रहा था। पुलिस ने मामले की जांच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पीएम करने वाले डॉक्टरों ने मौत की वजह दम घुटना बताया था। लेकिन परिजनों ने अनुराग की हत्या का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। यही नहीं फारेंसिक टीम पर भी लापरवाही का आरोप लगाया था। जिसके बाद बिसरा को जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित फारेंसिक लैब भेजा गया है।















