लखनऊ। स्वाइन फ्लू का वायरस एच वन एन वन में परिवर्तन नहीं आ रहा है, क्योंकि जेठ के महीने में चढ़ते पारे में एचवन एन वन वायरस के हमले सभी हैरान है। हालांकि विशेषज्ञ वायरस के परिवर्तन होने से अभी इनकार कर रहे है। उनका कहना है कि तापमान ज्यादा होने के कारण वायरस सक्रिय नहीं होना चाहिए,लेकिन एक मौत व तीन मरीज मिलने से अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि स्वाइन फ्लू के मरीज बढ़ेगे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों का इलाज करने के साथ निगरानी करनी शुरू कर दी हंै।
केजीएमयू के माइक्रोबायलॉजी विभाग के डा. अनीता जैन का कहना है कि स्वाइन फ्लू से एक आैर मौत, इसके अलावा तीन मरीज आैर स्वाइन फ्लू के मिले है। यह आश्चर्यजनक है कि इतनी गर्मी में स्वाइन फ्लू का वायरस एक्टिव हो गया है। लेकिन यह मरीज ज्यादातर बाहर से संक्रमण लेकर आये है। अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ रहा है। आम तौर पर स्वाइन फ्लू अगस्त- सितम्बर में बढ़ता है आैर ठंड बढने पर समाप्त भी हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ व वैक्सीनेशन विशेषज्ञ डा. डी के बाजपेयी ने भी बताया कि तीन मरीज स्वाइन फ्लू का संक्रमण बाहर से ही लेकर आये है। इनमें दो दिल्ली से ही होकर आये है। इनमें एक मरीज ने लखनऊ में संक्रमण फैलाया है। गर्मी में स्वाइन फ्लू फैलना अपने आप में नया है। इस पर निगरानी रखी जा रही है।















