लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्देश के बाद भी पीपीपी मॉडल के तहत ट्रामा सेंटर में सीटी स्कैन शुल्क कम नहीं कर रहा है। यहां पर एक हजार रुपये ही लिया जा रहा है,जबकि केजीएमयू प्रशासन ने सभी को सर्कु लर भेज कर सीटी स्कैन का 500 रुपये कर दिया गया है। अधिक शुल्क लिये जाने का विरोध कुछ तीमारदारों ने भी किया। इसके बावजूद शुल्क एक हजार रुपये ही लिया गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एस एन शंखवार का कहना है कि निर्देश देने के बाद भी अगर कोई शुल्क अधिक लेता है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
केजीएमयू परिसर व ट्रामा सेंटर में होने वाले सीटी स्कैन जांच का शुल्क अभी तक एक हजार रुपये लिया जा रहा है। केजीएमयू प्रशासन ने पैथालॉजी का शुल्क घटा कर इसका शुल्क घटा कर पांच सौ रुपये कर दिया गया है। इसको कम करने के लिए बाकायदा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एस एन शंखवार ने सर्कुलर जारी कर दिया है कि कही भी मरीजों से एक हजार रुपये शुल्क न लेकर पांच सौ रुपये जांच शुल्क ही लिया जाए। इसके बाद भी बृहस्पतिवार को पांच सौ रुपये जांच शुल्क न लेकर एक हजार रुपये ही लिया गया। सीटी स्कैन कराने गये कुछ तीमारदारों ने जांच शुल्क कम होने की जानकारी काउंटर पर दी लेकिन शुल्क एक हजार रुपये ही लिया गया।
सीटी स्कैन काउंटर पर बैठे लोगों का कहना है कि जब तक उन्हें सर्कुलर न मिल तब तक पुराना शुल्क ही लिया जाएगा। उधर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एस एन शंखवार ने बताया कि सकुर्लर जारी करने के बाद भी अगर कोई शुल्क एक हजार रुपये जांच शुल्क ले रहा है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसकी जांच के लिए पीआरओ को लगाया जा रहा है वह जाकर चेक करेगा कि शुल्क लिया जा रहा है कि नहीं।















