केजीएमयू में सर्वर गड़बड़ी से तमाम मरीजों को नहीं मिला इलाज 

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 लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में सर्वर की दिक्कत दूर नहीं हो पा रही है, इससे ओपीडी आए मरीज परेशान हुए। पिछले एक सप्ताह से सर्वर की परेशानी बनी हुए है। मंगलवार को बिना इलाज ओपीडी से सैकड़ों मरीज लौट गए। वहीं जांच की फीस व खून का नमूना देने के लिए मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना सात से आठ हजार मरीज आते हैं। एक रुपये के पर्चे के साथ 50 रुपये का कार्ड बनवाना पड़ता है। सर्वर के काम न करने की वजह से पर्चे हाथ से बनाए जा रहे हैं। लाइन अधिक लगने से पर्चे बनाने का काम काफी सुस्त हो गया। तय समय के बाद भी काफी मरीज लाइन में लगे थे, लेकिन उनके पर्चे नहीं बनाए गये। नतीजतन मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। उल्लेखनीय है कि गत शनिवार को भी सर्वर खराब रहा। ओपीडी से लेकर ट्रामा सेंटर तक कम्प्यूटर नहीं चले।

 इसके कारण काउंटरों पर लम्बी लाइन लगी आैर मरीज भर्ती होने के लिए बेहाल हो गये। ट्रामा सेंटर में भर्ती होने में दिक्कत के कारण कई मरीजों की तबियत ज्यादा बिगड़ गयी, जिस पर हंगामा मच गया। केजीएमयू प्रवक्ता डा. नरसिंह वर्मा ने बताया कि आईटी सेल प्रभारी डा. संदीप भट्टाचार्य का कहना है कि रविवार को सिस्टम ठीक हो जाएगा आैर सोमवार से कोई दिक्कत नहीं होगी। 

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शुक्रवार के बाद आज फिर केजीएमयू के ओपीडी से लेकर ट्रामा सेंटर सर्वर ठीक न होने के कारण मरीजों को दिक्कत शुरु हो गयी। हालांकि आज मैनुअल काम करने के निर्देश पहले से ही दे दिये गये। इस कारण मरीज परेशान कम हो पाये। सबसे ज्यादा परेशानी ट्रामा सेंटर में मरीजों को हुई। सर्वर बैठ जाने के कारण कई काउंटर बंद हो गये। एक दो काउंटर पर शुल्क जमा हो रहे थे। पैथालॉजी शुल्क जमा करने के लिए परेशानी होने लगी। लाइन लम्बी हो होती जा रही थी, लेकिन मरीज भर्ती नही हो पा रहे थे। सबसे ज्यादा परेशान एम्बुलेंस लाने वाले लोग हो रहे थे। 

गंभीर मरीजों को बिना भर्ती किये नीचे उतारा नहीं जा रहा था। ऐसे में तीमारदारों ने हंगामा मचा दिया। फिर भी परेशानी शाम तक बनी रही। मरीज मजबूरी में लाइन लगाये अपनी बारी आने की प्रतिक्षा करते रहे।

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