लखनऊ। बक्शी का तालाब स्थित डा. राम सागर मिश्रा अस्पताल में सोमवार को इलाज में लापरवाही आैर अभद्रता का आरोप लगाते हुए सैकड़ों महिलाओं ने धरना-प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि अस्पताल के दो डाक्टर और एक नर्स को हटाया जाए। कई घण्टे चले प्रदर्शन के बाद जब अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने उन्हें उचित कार्रवाई का अश्वासन दिया, तब जाकर महिलाएं वापस लौटी। प्रदर्शन के बाद बक्शी का तालाब निवासी फूलमती (38) के अनुसार राम सागर मिश्रा अस्पताल की डा. प्रेमा देवी, डा. नेहा सेठिया और नर्स मीनू भारती पेशेंट के साथ इलाज के नाम पर आए दिन अभद्रता करती है।
इसके अलावा इलाज में लापरवाही के कारण कुछ दिनों पहले हॉस्पिटल में बक्शी का तालाब निवासी ज्योति की मौत हो गयी थी। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि एक मरीज को देखने के बाद उसे 15 सौ से अधिक की दवा मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए लिखी जाती है। यदि मरीज किसी दूसरे मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर लाता है, उसको दवा की कम्पनी या दूसरे कारण बताकर लौटाकर उसकी मेडिकल स्टोर से खरीदने का दबाव भी डाला जाता है। डिलीवरी के बाद नर्सिंग स्टाफ भी पैसे मांगते हैं।
इस संबंध में अस्पताल के बड़े डाक्टरों से कई बार डॉक्टरों और नर्स के खिलाफ शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गयी। इस संबंध में अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. जावेद हयात ने बताया कि नर्स और डॉक्टरों के खिलाफ जांच कराई जा रही है। लापरवाही मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।















