लखनऊ । प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने रविवार को बलरामपुर अस्पताल में किडनी के मरीजों के लिए स्थापित हीमोडायलिसिस यूनिट का फीता काट करके उद्घाटन करते हुए कहा कि जल्द ही 18 जिला अस्पतालों में डायलिसिस यूनिट स्थापित की जाएगी। इस यूनिट में किडनी के 60 मरीजों की निशुल्क डायलिसिस की जाएगी। उन्होंने कहा कि किडनी रोग से आैसतन प्रतिवर्ष 13 हजार लोग प्रभावित होते है। इस अवसर पर राज्यमंत्री महेन्द्र सिंह भी मौजूद थे। यूनिट की स्थापना हेरिटेज हास्पिटल लंका के सहयोग से पीपीपी माडल के आधार पर की गयी है।
अस्पताल के न्यू ओपीडी ब्लाक में बनायी गयी डायलिसिस यूनिट का उदघाटन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किडनी के मरीजों का बेहतर इलाज के लिए कम से कम 4100 डायलिसिस मशीनों की आवश्यकता है। इसके कमी को पूरा करने के लिए पीपीपी माडल के आधार पर डायलिसिस मशीन को लगाया जा रहा है। अब तक चार स्थानों पर डायलिसिस यूनिट की स्थापना की जा चुकी है। पांचवी बलरामपुर अस्पताल में की गयी है। उन्होंने बताया कि यूनिट का संचालन तीन शिफ्टों में किया जाएगा। प्रत्येक शिफ्ट में दस मरीजों का डायलिसिस किया जाएगा। नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक आलोक कुमार ने बताया कि सबसे पहले इस माडल पर जनपद आजमगढ़ में यूनिट की स्थापना की गयी। इसके बाद इलाहाबाद,वाराणसी व मेरठ में स्थापित की गयी।
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. ऋषि सक्सेना ने बताया कि पीपीपी माडल की इस यूनिट में लगभग 60 मरीजों की डायलिसिस की जाएगी। कार्यक्रम में स्वास्थ्य महानिदेशक डा. पद््माकर सिंंह, सीएमओ डा. जीएस बाजपेयी, अस्पताल के निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ डाक्टर मौजूद थे।















