​अस्पताल की इमेज बनाता है वहां का पैरामेडिकल स्टाफ

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विश्व नर्सिंग दिवस के उपलक्ष्य में राजधानी के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में मनाया गया। केजीएमयू नर्सेस संघ द्वारा मरीजों के हितार्थ चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेण्टर को तीन स्ट्रेचर अर्पित किया गया। कुलपति प्रो. मदनलाल ब्राह्म भट्ट ने स्ट्रेचरों को स्वीकार करने के बाद फ्लोरेंस नाइंटीगेेल के तस्वीर पर पुष्पसुमन अर्पित किया। उन्होंने कहा कि नर्सिंग का व्यवसाय एक महान व्यवसाय है। इस व्यवसाय के साथ सेवा का पुनीत कर्म स्वत: ही जुड़ा हुआ है। 

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स्ट्रेचर भेंट किये जाने को एक महान दान बताया। इसके अलावा ट्रॉमा सेण्टर के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में भी नर्सिंग दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीएमएस प्रो. यूबी मिश्रा, एमएस प्रो. विजय कुमार सहित इंचार्ज ट्रॉमा-2 सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त कुलपति ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत ट्रॉमा सेण्टर में झाड़ू लगाया गया। केजीएमयू इस्ंटीट्यूट ऑफ नर्सिंग के तत्वावधान में दीपक प्रकाश समारोह व शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन केजीएमयू के साइंटिफिक कंवेंशन सेण्टर में आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केजीएमयू नर्सिंग ऑफ इस्टीट्यूट की प्रधानाचार्या प्रो. रश्मि पी जॉन ने इंस्टीट्यूट की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत पढ़ी। उन्होंने बताया कि हम इस साल एमएससी नर्सिंग की सीटों को और बढ़ाने की तैयारी कर रहे है। इसके साथ ही नर्सिंग में पीएचडी पाठ्यक्रम भी आरम्भ की कोशिश जारी है।
अधिष्ठाता नर्सिंग संकाय प्रो. पुनिता मानिक ने कहा कि आज का दिन हर एक नर्स के जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण है। आज के दिन आप लोगो को इस सेवा के महान और पुनीत व्यवसाय में आने के लिए आप लोगो को यूनिफार्म प्रदान किया जाता हैं। कार्यक्रम में एमएससी नर्सिंग बैच 2015-16 की पल्लवी को ओवर आल रैंक प्रथम, मेडिकल सर्जिक नर्सिंग रोहणी, साइकियाट्रिक नर्सिंग की देवलिना तथा बीएससी नर्सिंग निकिता यादव को ओवर आल प्रथम रैंक, सम्स तमरेज ओवर आल सेकण्ड रैंक, स्वाती रॉय को ओवर आल थर्ड रैंक के लिए सम्मानित किया गया। दूसरी तरफ बलरामपुर अस्पताल में एक दूसरे को मिठाई खिलाकर नर्सेस दिवस मनाया। सिविल अस्पातल में छह नर्सें को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त पीजीआई में आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रो. राकेश कपूर ने कहा कि नर्सेज डाक्टरों से अधिक मरीज के पास रहती है इस लिए वह मरीज को और उनके परिवार के लोगों  का मनोबल बढाने में अहम भूमिका निभा सकती है। मरीज की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होती है। परिवार के लोग भी काफी परेशान होते है ऐसे में नर्सेज की सहानभूति मरीज और तीमार दार के लिए दवा से अधिक कारगर साबित हो सकती है। प्रो. कपूर ने कहा कि यदि केवल नौकरी करना है तो नर्सेज प्रोफेशन में मत आएं  इन प्रोफेशन में वहीं लोग जाएं जिनके अंदर सेवा भाव हो। अस्पताल प्रशासन विभाग के प्रो. राजेश हर्षवर्धन ने कहा कि किसी भी अस्पताल का पहला इंप्रेशन लास्ट इंप्रेशन होता है। सबसे पहले सामना पैरामेडिकल स्टाफ से होता है जिसमें नर्सेज भी शामिल है यदि इनके व्यवहार में अपनत्व है तो उस अस्पताल के प्रति मरीज और तीमारदार का नजरिया अच्छा होगा। इस मौके पर नर्सेज ए वायस टू लीड एचीव द सस्टनेबिल डिवलेपमेंट गोल विषय पर आयोजित साइंटफिक सेशन में चेयर पर्सन लाइज्माम सोलंकीए सीएनओ छाया सान्याल ए नर्सिग आफीसर नीमा पंत की अध्यक्षता में प्लास्टिक सर्जरी के नर्सिग आफीसर डिकिलए नेफ्रोलाजी से अनिता सारोए पल्मोनरी मेडिसिन से मैरलिंग चीमा ने कैसे बीमारी की दर कम जाए जैसे कई बिन्दुओं पर प्रकाश डाला।   सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समारोह का समापन हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व सीएनओ शैलेंद्र नाथ रहे। इस मौके पर नर्सिग आफीसर सीमा शुक्ला, सुजान सिंह, रेखा मिश्रा, सुनीता सिंह, सावित्री सिंह, उमा नायक, सुनील रूप जी, सुनीता दयाल सहित अन्य विशेष रूप से उपस्थित थी।   यह हुर्इं सम्मानित : संस्थान की नर्सिंग सेवा में योगदान के लिए मृदुला प्रकाश, पदमा सचदेवा, लीला मशीह, पुष्पा सिंह, ईस्टर पी तिवारी, ई. चार्ल्स. सुषमा, बिल, निर्मला, अमिता नाथ तो प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। 

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