लखनऊ । जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी प्रशान्त शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित डा. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में डिस्ट्रिक टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न हुई, इसमें मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जेई टीकाकरण से ड्राप आउट/लेफ्ट आउट बच्चों को 20 मई से 06 जून तक विशेष जेई टीकाकरण अभियान चलाया जायेगा।
जनपद हेतु लक्षित 225235 बच्चों को शत प्रतिशत जेई टीकाकरण से आच्छादन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में प्रथम चरण में टीकाकरण प्रारम्भ किया जाये। एक गांव में एक दिन टीकाकरण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि यह एक घातक तथा अपंगता पैदा करने वाली बीमारी है यह जापानी इन्सेफ्लाईटिस वायरस द्वारा उत्पन्न होती है। वायरस शरीर में क्यूलेक्स मच्छर के काटने से प्रविष्ट होता है। मस्तिक में जाकर सूूजन तथा मस्तिष्क की कोशिकाओं को क्षति पहुंचाता है। प्रारम्भिक अवस्था में फ्लू की तरह लक्ष्ण होते है जिसमें बुखार कंपकपी थकान सिरदर्द तथा मितली या उल्टी कन्फ्यूजन व उत्तेजना भी हो सकती है बाद में झटके आना पैरालिसिस तथा गहरी बेहोशी होती है जिससे रोगी की मृत्यु भी हो जाती है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीके बाजपेयी ने बताया कि सामान्यतया क्यूलेक्स विश्नोई मच्छर के काटने से होता है मच्छर धान के खेतों में, सुअर बाड़ा क्षेत्र में पाया जाता है जो जेई वायरस को जलीय पक्षियों तथा सुअरों में फैलता है। उन्होंने कहा कि जनपद की कुल जनसंख्या 4968638 में से 1 से 15 वर्ष के कुल बच्चे 1410000 को टीकाकरण करने के लिए 243 ग्रामीण क्षेत्रों में और 302 शहरी क्षेत्र में उपकेन्द्र बनाये गये हैं। इस काम में ग्रामीण आशा 1384, शहरी क्षेत्र 342 आशाओं और 2716 आंगनबाडी कार्यकत्रियों को लगाया जायेगा।
कुल 112 टीमें बनायी गयीं हैं। उन्होंने बताया कि समस्त जिला चिकित्सालयों में, समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में, समस्त बाल महिला चिकित्सालयों में, सभी पीएचसी में 20 मई से प्रतिदिन टीकाकरण किया जायेगा। लखनऊ हाई रिस्क जिलों में आता है क्योकि यहां पर पूर्वी उत्तर प्रदेश से तमाम संक्रमित व्यक्ति इलाज के लिए आते है।















