लखनऊ। देश का पहला आम व्यक्ति के लिए स्टेम सेल बैंक किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में शुरू होने जा रहा है। स्टेम सेल बैंक में किसी भी बच्चे की गर्भनाल को सुरक्षित रखा जा सकेगा। बैंक में गर्भनाल जमा करने का कोई शुल्क नहीं होगा परंतु उसको लेते वक्त जीनोटाइप जांच करने पर जांच करने का शुल्क लिया जाएगा। स्टेम सेल बैंक को प्रदेश सरकार ने हरी झंडी दे दी है और उसके गठन की प्रक्रिया शुरु हो गई है। केजीएमयू के ब्लड ट्रांस फ्यूजन विभाग की डॉक्टर तूलिका चंद्रा ने मैं लगभग 5 वर्ष पहले स्टेम सेल बैंक की परिकल्पना करते हुए स्टेम सेल थेरेपी का प्रयोग शुरु कर दिया था।
इसके तहत क्वीन मैरी अस्पताल के बच्चों की गर्भनाल एकत्र कर स्टेम सेल थेरेपी का प्रयोग शुरू कर दिया था। यह प्रयोग बहुत सफल रहा था इसके आधार पर स्टेम सेल थिरेपी को शुरू करने के लिए स्टेम सेल बैंक शुरू करने की कवायद शुरू कर दी गई थी। पिछली सरकार में केजीएमयू को करोड़ों रुपए दिए गए लेकिन स्टेम सेल बैंक की योजना को ठंडे बस्ते में रखा गया अंतिम चरणों में इस योजना को शुरू करने की कवायत की गई । अभय योजना पूरी होने के कगार पर है ।
डॉ तूलिका जी बताती हैं कि स्टेम सेल बैंक शुरू करने की पूरी कार्य योजना बन चुकी है पद सृजित किए जा रहे हैं। इसके लिए शासन में कार्य हो रहा है जल्द ही स्टेम सेल बैंक शुरू करने की उम्मीद लग रही है। उन्होंने बताया स्टेम सेल बैंक देश का पहला ऐसा स्टेम सेल बैंक होगा।
जहां आम व्यक्ति अपने बच्चे की गर्भनाल सुरक्षित रख सकेगा और आवश्यकता पड़ने पर उसे वापस लेकर किसी गंभीर बीमारी या अन्य उपचार को बेहतर तरीके से कराया जा सकेगा। उन्होंने बताया हजारों की संख्या में स्टेम सेल इकट्ठा होंगे इससे गंभीर बीमारियों का इलाज आसानी से किया जा सकेगा। स्टेम सेल बैंक देश का पहला सार्वजनिक स्टेम सेल बैंक
होगा।















