लखनऊ। भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) ने मंगलवार को गोमती नगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और अस्पताल का विलय करके इसे ए स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। संस्थान के न्यू कै पस में छात्रावास व 200 शैय्या युक्त मातृ एवं शिशु रेफरल चिकित्सालय में महिला व बच्चों के लिये इलाज के आधुनिक सुविधाओं से लैस उपकरण लगेंगे। संस्थान में 150 सीटों का एमबीबीएस पाठ्यक्रम वर्ष-2017 से प्रार भ करने के लिये स्वीकृति रिपोर्ट चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज दी है।
150 एमबीबीएस की सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया इसी सत्र से :
प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन ने मंगलवार को दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय से औपचारिक स्वीकृति मिलते ही संस्थान में एमबीबीएस की 150 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया इसी सत्र से होगी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री टंडन ने कहा कि लोहिया संस्थान में नई दिल्ली स्थित ए स की तर्ज पर अब स्पेशिलिटी, सुपरस्पेशिलिटी एवं एमबीबीएस के पाठ्यक्रम भी एक साथ संचालित होंगे।
टण्डन ने बताया कि लोहिया संस्थान में अब समस्त अवस्थापना कार्य की प्रक्रिया भी ए स की भांति विकसित की जाएगी। इसके साथ ही संस्थान में चिकित्सा छात्रों को स्पेशिलिटी, सुपरस्पेशिलिटी एवं एमबीबीएस शिक्षा उच्च स्तरीय गुणवत्ता के साथ उपलब्ध होगी। संस्थान के छात्रों को प्रशिक्षण एवं शोध के अवसर उपलब्ध हो सकें, इसके लिये उन्हें मरीजों के इलाज का समुचित अनुभव दिया जाएगा।
आईसीयू व एसआईसीयू की मिलेगी विश्व स्तरीय सुविधा :
चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने बताया कि लोहिया संस्थान के न्यू कै पस में छात्रों के लिये छात्रावास की व्यवस्था को जल्द पूरा करने की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्थान के 200 शैय्या युक्त मातृ एवं शिशु रेफरल चिकित्सालय में स्त्री रोगों से स बन्धित आईसीयू तथा बच्चों के लिये एसआईसीयू की विश्व स्तरीय सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।















