विश्व अस्थमा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम

0
1083

लखनऊ। डब्लूएचओ के अनुसार 300 मिलियन लोग अस्थमा से पीड़ित है। भारत में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है और इसके 30 मिलियन मामले देखे गए। इन संख्या लगातार इजाफा हो रहा है। इसलिए इस बीमारी की पहचान आैर समय पर इलाज जरूरी है। यह बीमारी प्रदूषित वातावरण अस्थमा के लिए बेहद घातक रूप धारण कर सकती है। यदि अस्थमा रोगी की सांस तेज चले आैर मरीज की बेचैनी बढ़ने पर तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा से परामर्श लेना चाहिए। यह बात मिडलैण्ड हॉस्पिटल के डायरेक्टर डा. बीपी सिंह ने मंगलवार को यूपी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में कही।

पहला कदम स्पाइरोमिट्री टेस्ट या पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट कराना चाहिए :

उन्होंने बताया कि यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि अपने फेफड़ों का नंबर जानना बहुत जरूरी है और क्यों इंहेलशन थेरेपी अस्थमा या सांस लेने में तकलीफ को नियंत्रित करने में प्रभावी है। इस विश्व अस्थमा दिवस पर हम अस्थमा या सांस लेने में तकलीफ से पीड़ित लोगों को आग्रह करना चाहेंगे कि अस्थमा के लक्षणों को पहचानने के लिए पहला कदम स्पाइरोमिट्री टेस्ट या पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट कराना चाहिए। इसके इलाज से जुड़े जितने भी मिथ है, उन्हें खत्म करने की जरूरत है। अस्थमा के इलाज का मुख्य उद्देश्य बीमारी को नियंत्रित करना है।

Advertisement
  • इसके अतिरिक्त विश्व अस्थमा दिवस पर राजधानी के कई स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम हुए।
  • प्रेस क्लब में ही विकास नगर में क्लीनिक के संचालक डा. राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि एलर्जी कि पहचान चिकित्सक लक्षण से ही कर लेते हैं, इससे दवाओं का लम्बा प्रयोग सीमित होता है।
  • इसके अतिरिक्त एलर्जी टेस्ट भी होने लगे हैं। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पाइरेटरी मेडिसिन, पल्मोनरी व क्रिटिकल केयर विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम में लोगों ने नि:शुल्क अस्थमा स्क्रीनिंग करायी।
  • सेमिनार हाल में मरीजों तथा उनके परिजनों में अस्थमा व एलर्जी रोग से बचाव, पहचान, जांच और उपचार के विषय में जानकारी दी गयी।
  • विभागाध्यक्ष डा. सूर्यकान्त, डा. एसके वर्मा, डा. आरएएस कुशवाहा, डा. राजीव गर्ग, डा. अजय वर्मा, डा. वेदप्रकाश, डा. आनन्द श्रीवास्तव और डा. दर्शन बजाज ने अस्थमा रोग के विषय में सवालों के जवाब भी दिये।
Previous articleयह है चोरी ऊपर से सीना जोरी, पेट्रोल पंपों की अघोषित हड़ताल
Next articleअब तीमारदारों का भी नपेगा BP

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here