लखनऊ। केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने एक मरीज की उपचार के दौरान मौत होने पर पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित की गयी। इसके साथ ही टीम को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि जांच अति शीघ्र पूरी की जाए, ताकि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करायी जा सके। बताते चलें कि अम्बेडकर नगर निवासी सुश्री तृप्ती पुत्री मनोज कुमार की 24 अप्रैल को हुई आकस्मिक मृत्यु पर मृत्यु के वास्तविक कारणों की जांच के लिए प्रो. अर्चना कुमार, बाल विभाग की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
कुलपति द्वारा गठित उक्त जांच समिति में प्रो. अर्चना कुमार के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजय कुमार, यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एसएन शंखवार, फिजियोलॉजी विभाग के प्रो. नरसिंह वर्मा आैर फार्माकोलोजी विभाग के प्रो. आरके दीक्षित शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि कि मरीज तृप्ती के उपचार में चिकित्सकों द्वारा पूर्णत: सक्रियता के साथ नियमित रूप से उपचार मुहैया कराया जा रहा था तथा मरीज की स्थिति के सम्बंध में मरीज के तीमारदारों को भली भांति अवगत करा दिया गया था लेकिन चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद भी मरीज की हालत में कोई सुधार नहीं हो सका। 24 अप्रैल को मरीज की उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी। कुलपति ने उक्त समिति को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट अति शीघ्र उपलब्ध कराये जाने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही सम्पन्न की जायेगी।















