लखनऊ। गोमतीनगर स्थित डा. राम मनोहर लोहिया संयुक्त अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ को कई गड़बड़िया मिलीं। एक मरीज के मौत के मामले में उन्होंने डीजी हेल्थ आैर सीएमओ को जांच करने के आदेश दिये।
स्वास्थ्य मंत्री सुबह साढ़े दस बजे अस्पताल पहुंचे। वे ओपीडी से होते हुए सीधे निदेशक के कमरे में गए। उन्होंने एक मरीज की मौत के मामले में डीजी हेल्थ व सीएमओ को जांच के आदेश दिए आैर 12 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। उन्हांेने कहा कि जो भी इस घटना का जि मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शनिवार रात 11 बजे ग्वारी गांव गोमती नगर निवासी कलीमो को प्रसव पीड़ा हुयी। इस पर परिजन उसे लोहिया अस्पताल ले आए। यहां ड¬ूटी पर डॉक्टर नहीं मिले। इस पर कलीमो को इमरजेंसी में दर्द कम करने वाला इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया गया। मरीज की सुबह मौत हो गई। मरीज की मौत पर गुस्साए परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया आैर हंगामा किया।
मृतका के पति नसरुद्दीन ने बताया कि रविवार तड़के पत्नी की हालत बिगडऩे लगी, मगर दर्द न होने की वजह से हम लोग गंभीरता नहीं समझ पाये आैर डॉक्टर की लापरवाही के चलते उसकी मौत हो गयी थी। स्वास्थ्य मंत्री सिद्वार्थ नाथ सिंह ने कहा कि महिला की मौत के जिम्मेदार डाक्टरों को किसी भी हालत में बक्शा नहीं जाएगा। जब लोहिया अस्पताल में मंत्री महिला की मौत के लिए जिम्मेदार डाक्टरों पर बन्द कमरे में कार्रवाई करने में लगे थे उसी समय लोहिया अस्पताल के पर्चा काउन्टर पर पर्चा बनने में देरी होने के कारण मरीजों ने जमकर हंगामा किया।
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य मंत्री से करीब मरीजों ने चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर कई शिकायते भी कीं। उन्हें व्यवस्थाओं में सुधार करने का आश्वासन दिया गया।















