लखनऊ। गोमती नगर स्थित डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप प्रसूता की मौत पर लगाया गया। तीमारदारों का आरोप है कि रात में प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती न करके इंजेक्शन लगाकर भगा दिया। सुबह तेजी से तबियत बिगड़ी, दोबारा अस्पताल लाने पर मृत घोषित कर दिया गया। उनका आरोप है कि अगर रात में ही आपरेशन कर दिया जाता तो उसे मौत से बचाया जा सकता था। उधर परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि समय पर 108 एम्बुलेंस नहीं पहुंची। जब कि 108 एम्बुलेंस सेवा के प्रवत्ता अजय यादव का कहना है कि कॉल रिकार्ड के मुताबिक एक बार रात में 108 एम्बुलेंस को कॉल गयी थी आैर समय पर पहुंच गयी थी।
गोमती नगर के ग्वारी गांव निवासी नसीरु द्दीन की पत्नी कलीमों को प्रसव पीड़ा होने पर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में रात में ले गये। इमरजेंसी में डाक्टर ने जांच करने के बाद इजेक्शन लगाकर उसे भर्ती न करके वापस कर दिया। जब कि परिजन भर्ती करने का अनुरोध कर रहे थे। रात में घर ले जाने के बाद सुबह के वक्त तेजी से तबियत बिगड़ी आैर परिजन उसे लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे तो डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस पर परिजन आक्रोशित हो गये आैर हंगामा मचाने लगे। उनका कहना है था कि अगर रात में प्रसूता को भर्ती करके इलाज किया जाता तो मौत नहीं होती। बताते चले कि लोहिया अस्पताल के स्त्री रोग विभाग में ज्यादातर मरीजों को रात में भर्ती नहीं किया जाता है, उन्हे रेफर कर दिया जाता है या दूसरे दिन सुबह आने के लिए कह कर दवा दे दी जाती है।















