तो यह सच है स्वास्थ विभाग की नर्सों की वापसी का

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लखनऊ – किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की नर्सों को  वापस भेजे जाने की साजिश पूर्व कुलपति प्रोफेसर रविकांत ने किया था. लगभग 3 महीना पहले उन्होंने शासन को पत्र लिखकर कहा था की केजीएमयू को स्वास्थ विभाग की नर्सें नहीं चाहिए. इन्हें वापस ले लीजिए. इसके आधार पर शासन ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर नर्सों का समायोजन करने के लिए कहा है. स्वास्थ्य महानिदेशक डॉक्टर पदमाकर सिंह ने बताया हमने उन्हें नहीं बुलाया. उन्हीं के कुलपति ने वापस लेने के लिए कहा था अगर वापस नहीं करना है तो शासन को एक पत्र लिखकर केजीएमयू प्रशासन अपनी स्थितियों से अवगत करा दे. उसके बाद शासन उनके पत्र पर विचार करके उनको वापस लेने का आदेश टाल सकता है. हालांकि  केजीएमयू प्रशासन से अभी तैनात नर्सों का ब्यौरा मांगा गया है.

अभी उन्हें किसी अस्पताल में तैनाती देने के लिए नहीं कहा गया है. उधर केजीएमयू में तैनात नर्सों का कहना है पूर्व कुलपति डॉक्टर महेंद्र सिंह भंडारी के कार्यकाल में एक समझौता हुआ था जिसमें कहा गया था स्वास्थ्य विभाग की नई नर्सों को तैनात नहीं किया जाएगा वर्तमान में जो नर्स तैनात हैं उनके रिटायर होने के बाद रिक्त पदों पर केजीएमयू से नर्सों को तैनात किया जाएगा. यह प्रक्रिया जारी है रिटायर होने के बाद रिक्त हो रहे पदों पर केजीएमयू की नर्सों कोही तैनात किया जा रहा है.

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चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर विजय कुमार का भी कहना है केजीएमयू की नर्सों को उनकी योग्यता के अनुसार प्रमोशन व तैनाती दी जा रही है. कहीं अन्याय नहीं हो रहा है. स्वास्थ्य विभाग की नर्सें प्रशिक्षित हैं और महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं उनके जाने से मरीजों का इलाज मुश्किल हो जाएगा. फिलहाल केजीएमयू प्रशासन इस मामले में विचार कर रहा है.

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