लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की नर्सो को वापस भेजे जाने का विरोध आज सांकेतिक प्रदर्शन के रूप में किया गया। मैट्ऱन कार्यालय के बाहर किये प्रदर्शन में नर्सो ने शासन के इस आदेश पर आक्रोश व्यक्त किया है। नर्सो के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति व कुलसचिव को ज्ञापन देने के बाद शनिवार को भी सांकेतिक प्रदर्शन किया। उधर केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डा. विजय कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान में तैनात स्वास्थ्य विभाग की नर्सो को वापस नहीं किया जा सकता है। लगभग सभी नर्से प्रशिक्षित है आैर सुपर स्पेशियलटी विभाग के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनात है। ऐसे में इनके जाने से चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होगी।
केजीएमयू में स्वास्थ्य विभाग की मैट्रन व अन्य महत्वपूर्ण पदों सहित 280 नर्से तैनात है। ज्यादातर सभी नर्से प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, जनरल सर्जरी के आपरेशन थियेटर सहित अन्य महत्वपूर्ण विभाग में तैनात है। सभी प्रशिक्षित हो गयी है आैर मरीजों के इलाज में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही है। अब स्वास्थ्य महानिदेशालय ने स्वास्थ्य विभाग की नर्सो को वापस लेने का आदेश दिया है। इसके बाद इन नर्सो को विभिन्न अस्पतालों में तैनात किया जाएगा, जब कि नर्सो का कहना है कि केजीएमयू में ही सेवा देना चाहती है। इस बाबत शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की नर्सो ने कु लपति आैर कुलसचिव से मुलाकात करके ज्ञापन दिया था।
उनका कहना है कि हम लोग अपनी सेवा केजीएमयू में ही करना चाहते है। अभी इतनी संख्या में नर्सिंग स्टाफ नही है जिससे मरीजों की सेवा की जा सके। ज्ञापन दिये जाने के बाद नर्सों ने बताया कि कुलसचिव व कुलपति से वार्ता सकारात्मक रही है। उन्हें आश्वासन दिया है। आक्रोशित नर्सो ने शनिवार को भी आंदोलन करते हुए साकेतिक प्रदर्शन किया। राजकीय नर्सेस संघ के तहत किये प्रदर्शन में स्वास्थ्य विभाग के आदेश का विरोध किया जा रहा है।















