लखनऊ – प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा मेडिकल कालेजों सहित विभिन्न चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में चिकित्सीय व्यवस्था को सुधारने हेतु आज चिकित्सा शिक्षा एवं प्राविधिक शिक्षा मंत्री श्री आशुतोष टण्डन ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
सचिवालय में सम्पन्न इस बैठक में अपर मुख्य सचिव डा0 अनीता जैन भटनागर,महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण, किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, सैफई विश्वविद्यालय के कुलपति, एस0जी0पी0जी0आई0,सी0बी0एम0आर0,राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा, डा0 राम मनोहर लोहिया,सु0स्पे0बा0चि0 एवं स्नातकोत्तर संस्थान नोएडा के निदेशक, तथा सभी राजकीय मेडिकल कालेजों के प्रधानाचार्य उपस्थित थे।
बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री आशुतोष टण्डन ने कहा कि सरकार की उच्च प्राथमिकता है कि प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर किया जाए साथ ही पेटेंट केयर को भी और जनोपयोगी बनाया जाये। इसके लिए उन्होंने मेडिकल कालेजों में सुपर स्पेशियलिटी की सीटों को बढाने, शिक्षकों की कमी को पूरा करने तथा मरीजों को सुलभ एवं शीघ्र चिकित्सा उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया।
जनता को सुलभ सस्ता एवं शीघ्र चिकित्सकीय जांच उपलब्ध हो जाए इसके लिए उन्होंने तीन सदस्यीय समिति बनाने के निर्देश दिए। ये समिति एक महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी। समिति को व्यापक अध्ययन करके यह रिपोर्ट देनी है कि पी0जी0आई0 सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों में एम0आर0 सहित होने वाली विभिन्न जांचों को कैसे सुलभ किया जाए। इस हेतु पी0पी0पी0 माॅडल पर भी विचार हो।
मेडिकल कालेजों या अन्य शैक्षिक चिकित्सा संस्थाओं में उपकरण खरीदने के बाद उनका समय पर प्रयोग शुरू न हो पाने के कारण अनेक मेडिकल उपकरण खराब हो जाते है इस बर्बादी को रोकने के लिए आज चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री आशुतोष टण्डन ने सख्त रूख अपनाया। उन्होंने समीक्षा बैठक में निर्देशित किया कि उपकरण तभी खरीदे जायें जब उपकरणों के प्रयोग हेतु सभी आवश्यक व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने उत्तराखण्ड, छत्तीसगढ, तथा अन्य राज्यों में चिकित्सा क्षेत्र में हुई प्रगति का अध्ययन कराने के लिए भी निदेर्शित किया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने मेडिकल कालेजो में पी0जी0आई0 की तरह अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था लागू हो इसके लिए भी प्रयास तेज करने के निर्देश दिए।