संविदा कर्मचारियों ने निदेशक को घेरा, बैकफुट पर आया पीजीआई

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लखनऊ .पीजीआई के संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश कपूर का घेराव किया। काफी देर तक संविदा कर्मचारी उनके कार्यालय के बाहर हंगामा करते रहे। कर्मचारियों का आक्रोश देखते हुये पीजीआई प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। दरअसल, संस्थान में नई कंपनी ने भर्ती प्रक्रिया से पूर्व संविदा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया, जिससे कर्मचारी नाराज हो गये। फिलहाल संस्थान के निदेशक ने सभी कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि कर्मचारियों को योग्यता के अनुसार समायोजित किया जायेगा।

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कर्मचारियों को नई एजेंसी से संविदा में समायोजित किया जायेगा :

पहले से संविदा पर काम कर रहे लैब अौर एक्स-रे टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, अाई असिस्टेंट समेत अन्य पदों पर पूर्व से पीजीआई में काम कर रहे कर्मचारियों को नई एजेंसी से संविदा में समायोजित किया जायेगा। नये संविदा में समायोजित न कर नये लोगों के रखे जाने के विरोध में लगभग 40 कर्मचारियों ने निदेशक का मंगलवार को घेराव किया। निदेशक ने अाउटसोर्सिंग एजेंसी के प्रतिनिधियों को बुलाकर मध्यस्थता करते हुये सहमति बनवाया कि जो लोग पहले किसी दूसरे एजेंसी के अधीन काम कर रहे है। यदि उस विभाग के प्रमुख उनके कार्य से संतुष्ट हैं तो इन्हें नई एजेंसी में समायोजित किया जायेगा।

पहली बार कुशल पैरामेडिकल वर्कर के अाउटसोर्सिंग की गयी :

एजेंसी ने भी कर्मचारियों के अाश्वासन दिया कि विभाग के प्रमुख के संस्तुति के अाधार पर समायोजित किया जायेगा। संस्थान में अभी तक इन पदों पर काम के लिए कोई एजेंसी नहीं थी। कोई पेशेंट हेल्पर तो कोई सफाई कर्मचारी के एजेंसी में रह कर काम कर रहे थे। पहली बार कुशल पैरामेडिकल वर्कर के अाउटसोर्सिंग की गयी, जिसमें जीम वेंचर कंपनी को काम मिला है। टेंडर की शर्त के मुताबिक बीएससी के साथ डिप्लोमा योग्यता रखी गयी थी, जिसके कारण जो केवल बीएससी या डिप्लोमा धारक थे, उन्हें नई एजेंसी ने नहीं रखा। क्योंकि तय योग्यता इनके पास नहीं थी।

इससे नाराज संविदा कर्मचारी निदेशक के पास गये तो निदेशक ने  सीेएमएस डॉ. अमित अग्रवाल, अाउटसोर्सिंग इंचार्ज डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ. सुशील गुप्ता, संयुक्त निदेशक प्रशासन डॉ. उत्तम सिंह सहित अन्य अधिकारियों के बुला कर एजेंसी से कहा कि  इनके कार्य अनुभव को देखते हुये योग्यता में शिथिलता दी जाये, जिस पर एजेंसी तैयार हो गयी। निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने विभागों के प्रमुखों से संस्तुति लेने की प्रक्रिया शुरू करने के साथ कहा कि यह लोग पहले से अति विशिष्ट काम कर रहे है। इस लिये योग्यता में शिथिलता दी जा सकती है।

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