केजीएमयू के ट्रामा टू सेंटर प्रभारी पद से इस्तीफा दे रहे हैं प्रो. संदीप तिवारी?

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लखनऊ. किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर टू के प्रभारी प्रोफेसर संदीप तिवारी अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं. उनका कहना है वह व्यक्तिगत कारणो व कार्य ज्यादा होने के कारण ट्रामा सेंटर टू के प्रभारी पद से इस्तीफा दे रहे हैं. हालांकि इसके पीछे चर्चा यह है कि ट्रामा टू के विकास के लिए जो दावे किए गए थे वह अभी तक पूरा नहीं हो सके हैं. इसके कारण मरीजों का इलाज वह अन्य समस्याएं पैदा हो रही हैं. शासन के तमाम दावों के बावजूद अभी तक मरीजों के इलाज के लिए बजट नहीं दिया गया है.

बताते चलें कि ट्रामा सेंटर टू पीजीआई के पास संचालन के लिए था इसको चलाने के लिए कम बजट में केजीएमयू ने दावा किया था उसके बाद शासन में ट्रामा टू का संचालन केजीएमयू सौंप दिया था. उस वक्त यह कहना था जो मरीज भर्ती होगा उसको पहले 24 घंटे महिला आज निशुल्क दिया जाएगा इसके लिए बजट की मांग केजीएमयू ने की थी बजट का प्रस्ताव भी शासन भेज दिया गया परंतु आज तक यह बजट ना आने से मरीजों का निशुल्क इलाज बंद हो गया.

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उसके अलावा यहां पर मरीजों के बेहतर इलाज के लिए रेजिडेंट डॉक्टरों की तैनाती पैरामेडिकल स्टाफ को भी तैनात करने के लिए कहा गया था तलाठी के लिए इंटरव्यू भी किए गए और चयन भी हुआ परंतु काफी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टरों में ज्वाइन नहीं किया. शासन को इसका संचालन के लिए भी बजट दिया जाना था लेकिन वह भी अभी तक पूरी तरह से नहीं मिल पाया है.

वह सभी दिक्कतों व समस्याओं से केजीएमयू तथा शासन को अवगत करा चुके हैं :

बताया जाता है कि उपकरण से लेकर दवाओं का खर्च केजीएमयू ही अपने बजट से दे रहा है. सेंटर में मरीजों का इलाज तो शुरू हुआ लेकिन क्रिटिकल केयर की व्यवस्था शुरू करने के लिए स्टाफ ना होना व अन्य संसाधनों ना होना सेंटर को आगे बढ़ने से रोक रहा है. हालांकि ट्रामा टू के प्रभारी डॉक्टर संदीप तिवारी का कहना है वह सभी दिक्कतों व समस्याओं से केजीएमयू तथा शासन को अवगत करा चुके हैं. लगातार व्यवस्था को अपडेट भी कर रहे हैं लेकिन इसके साथ ही नया विभाग ट्रामा सर्जरी के प्रभारी बनाए जाने से कई जिम्मेदारियां बढ़ गई है.

इसके अलावा और कुछ व्यक्तिगत कारण भी हैं जिनके कारण वह ट्रामा टू के पद से इस्तीफा दे रहे हैं उनका कहना है उन्होंने पूर्व कुलपति प्रोफैसर रविकांत को भी इस्तीफा देने की कोशिश की थी परंतु स्वीकार नहीं किया अब नए कुलपति प्रोसेसर एम एल बी भट्ट को देंगे हालांकि अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है.

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