लखनऊ । जार्जियन प्रो एमएलबी भट्ट ने शुक्रवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के तीसरे जार्जियन बन गये, जो कि केजीएमयू में एमबीबीएस की पढ़ाई के डाक्टर रहते हुए कुलपति पद का मुकाम हासिल किया।
केजीएमयू के अभी तक दो जार्जियन है, जिन्होंने कुलपति पद के मुकाम तक हासिल कर लिया। अभी तक केजीएमयू में सबसे पहले प्राचार्य पद पर तैनात प्रो. के एम सिंह रहे उन्ही के कार्यकाल में मेडिकल कालेज विश्वविद्यालय बन गया आैर कुलपति पद का सृजन हुआ। इसके बाद प्रो. महेद्र भंडारी, प्रो. हरि गौतम, प्रो. सरोज चूड़ामणि कुलपति बनी लेकिन इनमें कोई भी केजीएमयू का जार्जियन नही था। इसके बाद प्रो. रविकांत को कुलपति बनाया गया, तो यह दूसरे जार्जियन थे, जोकि कुलपति बने थे। प्रो. रविकांत ने केजीएमयू में ही एमबीबीएस की पढाई पूरी करने के बाद एमएस भी किया था। वर्तमान में प्रो. एम एल बी भट्ट को कुलपति का पद की जिम्मेदारी दी गयी है।
प्रो. भट्ट ने केजीएमयू में 1982 एमबीबीएस पूरा किया। इसके बाद कुछ समय के लिए सेना में मेडिकल कोर में तैनात रहे। फिर दोबारा आकर केजीएमयू में 1995 में एमडी रेडियोथेरेपी कोर्स किया। विभिन्न स्थानों पर तैनात रहने के साथ रिसर्च कार्य भी करते रहे। प्रो. भट्ट लोहिया संस्थान में भी रेडियोथेरेपी विभाग की जिम्मेदारी सम्हाली, वहां से फिर केजीएमयू आकर रेडियोथेरेपी विभाग में विभाग प्रमुख की जिम्मेदारी सम्हाली। अब केजीएमयू के कुलपति पद के महत्वपूर्ण पद पर है।