लखनऊ । शहर के संक्रमण के लिए सबसे ज्यादा संवेदनशीन कहा जाना वाला क्षेत्र खदरा में एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिड्रोंम (एईएस) से पीड़ित बच्ची मिली है। इस बच्ची का इलाज बलरामपुर अस्पताल के बाल रोग विभाग में चल रहा है। इसके साथ ही त्रिवेणी नगर,जानकीपुरम, मड़ियाव व मवैया क्षेत्र से भी उल्टी दस्त व मलेरिया से पीड़ित बच्चे बलरामपुर अस्पताल में इलाज करा रहे है। वहीं सिविल अस्पताल, गोमती नगर के लोहिया अस्पताल में भी डायरिया सहित अन्य संक्रमित बीमारियों के बच्चे भर्ती है।
खदरा क्षेत्र के पानी टंकी के पास रहने वाली के करीब रहने वाली परिवार के बच्ची एईएस की चपेट में आ गयी है। बच्ची की मां नाजिया बताती है कि उनकी बेटी अमीन को मंगलवार को बुखार आया था। स्थानीय डाक्टर से इलाज शुरू ही हुआ था कि अचानक बुखार के साथ झटके भी आने लगा। बच्ची को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पर जांच करने के बाद उसे एईएस ( दिमागी बुखार) बताया गया। यहां पर इलाज के बाद उसमें सुधार है। अगर शहर में संक्रमण फैलने वाले स्थानों को देखा जाए तो खदरा स्वास्थ्य विभाग में ज्यादा संवेदनशील माना जाता है। यहां पर एईएस पीड़ित बच्चा मिलना भी संवेदनशील है।
आंकड़ों के अनुसार अब तक राजधानी में पांच एईएस के मरीज मिल चुके है। इसके अलावा मवैया क्षेत्र के तीन वर्ष के शिवम को भी भर्ती कराया गया है। इसको डाक्टरों ने मलेरिया बताया गया है। हालांकि इसकी अभी गहन जांच पड़ताल चल रही है। वही त्रिवेणी नगर तृतीय से बच्ची प्रज्ञा शर्मा भी डायरिया से पीड़ित हो कर भर्ती है। वही जानकीपुरम से एक साल की सध्या का डायरिया का इलाज चल रहा है। अहसास ने आज पानी खुद पिया आैर गिलास को भी नहीं फेंका। उसने पानी पीकर मुंह को साफ किया। उसकी प्रत्येक गतिविधि को संज्ञान में लिया जा रहा है।