लखनऊ । आमतौर पर फिल्मों व धारावाहिकों में लोगों को हिपनोटाइज करते हुए देखा है, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं होता है। हिपनोथेरेपी कोई जादू नहीं बल्कि डाक्टर के दिमाग से उपजी एक थेरेपी है। इसका उपयोग मानसिक रोगियों के इलाज में किया जाता है। यह जानकारी किंग जार्ज मेडिकल कालेज के कलाम सेंटर में शनिवार को हिपनोथेरेपी मिथ आैर रियालटी पर कार्यशाला में दी गयी, इसमें मुम्बई के डाक्टर अमितांशु नाथ ने हिपनोथेरेपी की सच्चाई पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हिपनोथेरेपी एक जादू है। बुरे लोग इसका प्रयोग करके अपने वंश में कर लेते हैं यह सत्य नहीं है।
हां, अक्सर टीवी पर इसका गलत इस्तेमाल करते दिखाया जाता है जबकी सच्चाई में हिपनोथरेपीएक डाक्टरी थेरेपी है जो मानसिक तौर पर परेशान लोगों को दी जाती है। उन्होंने बताया कि इंसानी दिमाग 1/10 कांशियस आैर 9/10 सब कांशियस होता है। सब कांशियस दिमाग में जीरो से लेकर अठ्ठारह साल तक के बीच की सभी अच्छी बुरी चीजंे गठित होती है, इनमें कुछ चीजें उन्हें बाद में मानसिक तौर पर बीमार बना देती है। हिपनोथेरपी से हम मरीज की उस स्टेज तक पहुंचते हैं आैर भूतकाल की जो परेशानी उसका वर्तमान बिगाड़ सकती है उसे मरीज को उस स्टेज पर ले जाकर ठीक करते है। इसे हिपनोथेेरेपी कहते हैं।