लखनऊ । कृष्णानगर थाना क्षेत्र में एक जालसाज ने आचार फैक्ट्री लगाने और लोगों को विदेशो में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को निशाना बनाकर लाखों रुपये ठग कर फरार हो गया। पीडि़त बेरोजगारों को नौकरी न मिलने पर वह आरोपी के ठिकाने जा पहुंचे, लेकिन वह पहले से चौकन्ना होकर भाग निकला। पीडि़तों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जालसाजी का शिकार हुये पीडि़त हंसखेड़ा पारा के रहने वाला वेदांत सैनी ने बताया कि मूलरूप से रहमत नगर आजमगढ़ का रहने वाला कमर एजाज अहमद पुत्र इरफान अहमद कृष्णानगर कानपुर रोड पर स्थित रोहतास अपार्टमेंट के तीसरे तल लैट सं या-304 में रहता था। कमर एजाज ने बीते माह जनवरी में पीडि़त से अचार की फैक्ट्री लगाने की बात कही, जिस पर पीडि़त वेदांत राजी हो गया और बीते 11 जनवरी को दो लोगों से चेक के द्वारा साठ हजार और नब्बे हजार रुपये दिलवाये।
उक्त रकम सेे अचार बनाने की कच्ची सामग्री खरीदकर अचार बनाने का काम शुरू किया गया। कारखाने में कुछ महिला लेबर भी रखीं गईं। इस बीच कमर एजाज ने बिजनौर सरोजनीनगर निवासी ध्रुव यादव पुत्र नरसिंह यादव की पुरानी इंडिगो कार एक लाख पच्चहत्तर हजार में खरीदी थी।
ठगी करके खरीदी पुरानी कार, फरार –
कार के लिए वेदांत ने 50 हजार रुपये आरटीजीएस के जरिए ध्रुव को दिलाये थे। पीडि़त के मुताबिक अभी फैक्ट्री को चले एक माह हुये ही थे कि कमर बीते 19 फरवरी को अपना कुछ निजी काम बता इंडिगो कार लेकर फरार हो गया और फिर वापस लौट कर नहीं आया। पीडि़त ने कमर के मोबाईल पर संपर्क करना चाहा तो वो भी बंद बताने लगा। अपने को ठगा महसूस कर वेदांत ने कमर एजाज को तलाशना शुरू किया और उसके विषय में अपार्टमेंट के कर्मियों से जानकारी हासिल की तो मालूम हुआ कि कमर ने अपार्टमेंट में प्रेस का काम करने वाले बाबूलाल को विदेश में नौकरी दिलाने और वहां भेजने की बात कह 70 हजार रुपये और रामनाथ से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये वसूल कर अपना शिकार बनाया है।
कमर एजाज का कहीं पता न चलने पर सोमवार देर शाम वेदांत, बाबूलाल व रामनाथ ने स्थानीय थाना कृष्णा नगर पहुंचकर संयुक्त लिखित तहरीर दी है। वहीं स्थानीय पुलिस पीडि़तों की तहरीर पर मामले की जांच में जुटी है।