लखनऊ। लखनऊ में इंसेफेलाइटिस ने दस्तक हो चुकी है। फरवरी व मार्च में चार केस में एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि मरीज मिलने पर इसका व्यापक इलाज किया जाता है। वही स्वास्थ्य महानिदेशालय के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 157 मरीजों में इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हो चुकी है। संचारी रोग विभाग के आंकडों की माना जाए तो तीन महीने में इंसेफलाइटिस ने डेढ सौ से अधिक को गिरफ्त में ले चुकी है।
संचारी रोग विभाग के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ में फरवरी महीने में कमता आैर शाहपुर के दो मरीजों में एईएस की जांच में पुष्टि हुई थी। फिर मार्च के महीने में भी मोती नगर में तथा होली के बाद हुसैनाबाद में एईएस का एक- एक मरीज मिला है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अभी ऐसा मरीज मिलता है तो उसका इलाज का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसके अलावा संचारी रोग विभाग के अंाकडों में गोरखपुर में 23, देवरिया में चौतीस , सीतापुर में सात व लखीमपुर में तीन मरीज मिल चुके है।
यदि आंकडों की माना जाए तो तीन महीने में इंसेफलाइटिस ने डेढ सौ से अधिक को गिरफ्त में ले चुकी है। विशेषज्ञों की माना जाए तो इसका प्रकोप जुलाई में दिखता है पर इस बार 2017 में जनवरी से ही प्रकोप दिखने लगा है।