लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेज कर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन ने सुरक्षा की मांग की है। एसोसिएशन ने भेजे गये पत्र में कहा गया है कि उनके साथ आये दिन तीमारदार मारपीट करते रहते है, हाल के दिन में लगातार मारपीट हो रही है लेकिन मारपीट करने वाले तीमारदारों के खिलाफ 24 घंटे में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं हो रही है। पत्र में बीती रात केजीएमयू में तीमारदारों ने दो जूनियर डाक्टरों को बुरी तरह पीटने की घटना पर एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर इन मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट तहत 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुए तो हड़ता हो सकती है। उधर केजीएमयू प्रशासन ने रेजीडेंट डाक्टरों को जल्द ही कोई ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही कुछ संवेदनशील वार्डो में सुरक्षागार्ड तैनात करने के निर्देश दिये है।
बीतीरात मारपीट की घटना में 24 घंटे में नहीं हुई कार्रवाई तो हो सकती है हड़ताल –
बताते चले कि बीती रात जूनियर डाक्टर भूपेन्द्र की सुशीला नाम की मरीज के तीमारदार अभिनव व शिवनाथ गुप्ता के साथ मारपीट हुई थी। तीमारदारों ने अपने मरीज का इलाज करने में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जूनियर डाक्टरों से मारपीट की थी। जूनियर डाक्टरों का आरोप है कि तीमारदारों ने अपनी शासन सत्ता में हनक बताते हुए डराया धमकाया भी था। तीमारदारों ने दोनों डाक्टरों के कपड़े तक फ ाड़ दिये थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को पक्षों को समझा बुझा का शंात करा दिया था। दोनों पक्षों ने पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। इस घटना का केजीएमयू के रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन ने विरोध किया है।
रात में ही जूनियर डाक्टर हड़ता पर चले जा रहे थे लेकिन समझा बुझा का उन्हें रोका गया। रेजीडेंट डाक्टरों का कहना है कि बीते चार दिन में चौथी घटना हुई है, जिसमें जूनियर डाक्टरों के साथ मारपीट की गयी। इसके बाद भी उन्हें सुरक्षा नहीं दी जा रही है। उनका कहना है कि तीमारदारों पर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं की गयी है। उनका कहना है कि अगर एफआईआर दर्ज के 24 घंटे में अगर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई नही हुई तो वह सभी अपनी ड¬ूटी को करने में असमर्थ रहेंगे।