लखनऊ। मरीजों से जांच व इलाज के नाम पर मनमाना शुल्क वसूलने वाले नर्सिंग होम, पैथालॉजी व डायग्नोस्टिक सेंटरों पर कार्रवाई की जाएगी। आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जीएस बाजपेयी ने आईएमए, नर्सिंग होम व पैथालॉजी एसोसिएशन के साथ बैठक करके उन्हें जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई में मानकों के अनुसार नर्सिंग होम, निजी अस्पताल नहीं मिले तो नोटिस दी जाएगी। उसके बाद बंद करने की कार्रवाई होगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जीएस बाजपेयी ने बताया कि शहर में चलने वाली पैथालॉजियों, डायग्नोस्टिक सेटरों में जांच के नाम पर मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। खास कर संक्रमण के मौसम में मच्छर जनित बीमारियां डेंगू, दिमागी बुखार, प्लेटलेट्स, मलेरिया अन्य ब्लड की जांच के नाम पर मनमाना शुल्क लिया जाता है, जब कि काफी पैथालाजी की जांच रिपोर्ट ही गलत साबित होती है। कई पैथालॉजी की रिपोर्ट ही अलग- अलग होती है। उन्होंने बताया कि प्लेटलेट्स की जांच का शुल्क भी अधिक ले लिया जाता है। इसके अलावा डेंगू, दिमागी बुखार, मलेरिया तथा स्वाइन फ्लू की जांच में दोगुना शुल्क लिया जाता है।
उन्होंने खास कर पैथालॉजी व डायग्नोस्टिक सेंटरों से अपील की –
उन्होंने बताया कि आम मरीज को उच्चस्तरीय चिकित्सा का दावा करते हुए उनसे मनमाना शुल्क लिया जाता है, जबकि सुविधाएं नहीं के बराबर है। डा. बाजपेयी ने आज सभी प्रतिनिधियों के साथ बैठक में अपील की,उनसे मनमाना शुल्क न लिया जाए, सभी के शुल्क में समानता हो, ताकि मरीजों को इलाज में एक रूपता मिले। उन्होंने खास कर पैथालॉजी व डायग्नोस्टिक सेंटरों से अपील की। डा. बाजपेयी ने बताया कि अगर मानकों के अनुसार नही चलने वाले नर्सिंग होम व निजी अस्पतालों को पहले नोटिस दी जाएगी आैर उसके बाद उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डा. बाजपेयी ने बताया कि उनका उद्ेश्य निजी क्षेत्र में मरीजों को बेहतर आैर सही इलाज कराना है।