लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में चार वर्ष बाद एक बार फिर लिवर ट्रांसप्लांट करने में सफलता प्राप्त की है। इस सफलता के बाद पीजीआई प्रदेश में एक मात्र लिवर ट्रांसप्लांट करने वाला संस्थान बन गया है। यहां बहराइच के नौ साल के सुहैल का सफल लिवर ट्रांसप्लांट हो गया है। इस ट्रांसप्लांट को सफल बनाने में संस्थान के 25 विशेषज्ञ डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को करीब 19 घंटे लग गये। ट्रांसप्लांट के बाद बच्चे को (क्रिटिकल केयर मेडिसिन) सीसीएम में शिफ्ट कर दिया गया, जबकि डोनर मां को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे और मां दोनों की हालत में सुधार है।
चार वर्षो बाद हुए सफल लिवर ट्रांसप्लांट करने वाली विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम को संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने बधाई दी है, हालांकि ट्रांसप्लांट किये बच्चे को अभी सीसीएम में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
पीजीआई के गेस्ट्रो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. राजन सक्सेना की देखरेख में बहराइच के सुहैल की जांच पड़ताल करने के बाद लिवर ट्रांसप्लांट करना आवश्यक बताया था। परिजनों की संस्तुति के बाद इसके लिए लिवर ट्रांसप्लांट यूनिट में भर्ती किया गया था। डा. सक्सेना ने बच्चे सुहैल को उसकी मां से लिवर लोब लेकर ट्रांसप्लांट करने का निर्णय लिया। गुरुवार सुबह नौ बजे सुहैल को ट्रांसप्लांट के लिए ले जाया गया था।
इसके बाद सभी प्रकार आवश्यक जांच करने व ट्रांसप्लांट की तैयारी के बाद देर शाम को 25 विशेषज्ञों डाक्टरों व पैरामेडिकल, नर्सिंग स्टाफ की टीम ने लिवर ट्रांसप्लांट करना शुरू किया गया। सुबह सफल लिवर ट्रांसप्लांट करने की जानकारी पीजीआई प्रशासन को दी गयी। विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम में गैस्ट्रो सर्जरी और लिवर ट्रांसप्लांट से जुड़े डॉ. आरके सिंह, डॉ. सुप्रिया शर्मा, डॉ. मनीष, डॉ. राहुल के अलावा एनेथीसिया के डॉ. एसपी अम्बेश और डॉ. देवेन्द्र गुप्ता के साथ ही करीब 25 डॉक्टरों की टीम के साथ ही पैरा मेडिकल स्टाफ मौजूद था।
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