लखनऊ। हार्ट की तमाम परेशानियों का इलाज 20 साल पहले केवल सर्जरी थी, लेकिन इंटरवेंशन कार्डियोलाजी के विकास के चलते आज दिल की 80 फीसदी बीमारियों का इलाज बिना सर्जरी के संभव हो गया है। इंटरवेंशन की तमाम नई तकनीक पर चर्चा और विस्तार के लिए संजय गाधी पीजीआइ 5 से 7 तक अप्रैल नेशनल इंटरवेंशन काउंसिल का विशेष अधिवेशन और वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है।
यह जानकारी पत्रकार वार्ता में विभाग के प्रमुख प्रो.पीके गोयल, प्रो.आदित्य कपूर, प्रो. सत्येंद्र तिवारी, प्रो. नवीन गर्ग और प्रो. सुदीप कुमार ने संयुक्त रूप से दी। प्रो. पी के गोयल ने बताया कि एंजियोप्लास्टी तो हम लोग 25 साल से कर रहे हैै, लेकिन हार्ट का वाल्व रिप्लेसमेंट भी इस तकनीक से होने लगा है। इसके लिए पहले केवल ओपन हार्ट सर्जरी ही विकल्प था।
विशेषज्ञों के मुताबिक वाल्व रिप्लेसमेंट अभी मंहगा लेकिन विस्तार के साथ वाल्व की कीमत कम होगी। यह तकनीक उन लोगों में काफी कारगर है ,जिसमें बेहोशी देना संभव नहीं हो पाता है। इस दौरान विशेष रूप से नए कार्डियोलाजिस्ट के लिए शैक्षणिक सत्र होगा। अधिवेशन में 1500 कार्डियोलाजिस्ट, 25 इंटरनेशनल कार्डियोलाजिस्ट आ रहे हैं। इन सभी को कार्डियक सर्जरी की नयी अपडेट की जानकारी विशेषज्ञ देंगे। अधिवेशन में देश के उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू 5 अप्रैल की शाम एनआईसी का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने बताया कि वह अधिवेशन में 35 मिनट अपनी बात रखेंगे। वह कुल 59 मिनट का समय पीजीआइ में देंगे। राजभवन से वह संस्थान आएंगे।
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