लखनऊ। फ्रंटलाइन वर्करों के पहले दिन वैक्सीनेशन अभियान में मात्र 24. 44 प्रतिशत वैक्सीनेशन होने के बाद शुक्रवार को कवायद करके 54 प्रतिशत आंकड़ा रहा। सुबह से पुलिस कर्मियो, होम गार्ड व अन्य विभागों के फ्रंटलाइन वर्करों को कॉल करके बुलाने में सफल रहा।
बताते चले कि फ्रंटलाइन वर्करों का वैक्सीनेशन कराने में बृहस्पतिवार को कुछ खास सफलता नही मिल सकी थी। पूरा दिन चले वैक्सीनेशन अभियान में मात्र 24.44 प्रतिशत लोगों ने वैक्सीनेशन कराया था। इस प्रतिशत को देखने के बाद शाम से स्वास्थ्य विभाग का महकमा गतिशील हो गया आैर कंट्रोल रूम से फ्रंटलाइन वर्क रों को कॉल व मैसेज करने के शुक्रवार को वैक्सीनेशन कराने के लिए पहुंचने के निर्देश दिये गये। कई बूथ से यह भी शिकायत मिल थी कि दिये नामों में काफी नाम गलत थे, जिसके कारण वैक्सीनेशन आगे नहीं बढ़ पाया। वहीं पुलिस विभाग में तबादला हो जाने के कारण नाम शामिल होने के बाद भी फ्रंटलाइन वर्कर नहीं पहुंच सके। राजधानी में दो प्रकार की वैक्सीन से वैक्सीनेशन चल रहा है। अलग- अलग बूथों पर कोवैक्सीन से 61 प्रतिशत तथा कोविशील्ड से पचास प्रतिशत वैक्सीनेशन किया जा सका। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को कुल 54 प्रतिशत ही वैक्सीनेशन किया जा सका, जो कि बृहस्पतिवार के मुकाबले पचास प्रतिशत ज्यादा क हा गया। महानिदेशक डॉ. राकेश दूबे ने बताया कि अगर किसी अधिकारी या कर्मी का ट्रांसफर दूसरी जगह हो गया है, तो वहां के बूथ पर जाकर वैक्सीनेशन करा सकता है। इसके लिए केवल नाम, नंबर और जिला, जहां रजिस्टर्ड की जानकारी देनी होगी। पोर्टल पर जानकारी का मिलान करने के बाद टीम द्वारा उनको वैक्सीन लगेगी। यह सुविधा केवल पुलिसकर्मियों को ही दी गई है। अन्य के लिए पुराने वाले ही नियम रहेंगे।












