लखनऊ। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने दवाओं की बिक्री के लिए बनाये नये नियमों का कड़ा विरोध देश भर करेगी। इसके विरोध में 30 मई को देश की सभी दवा की दुकानों की देशव्यापी बंदी की घोषणा की है। यह जानकारी जिमखाना क्लब में एआईओसीडी के महासचिव सुरेश गुप्ता ने पत्रकार वार्ता में दी।
पत्रकार वार्ता में सुरेश गुप्ता ने बताया कि सरकार की नयी नीति के अनुसार मैन्यूफैक्चरर्स सहित सभी दवा व्यापारियों को ड्रग पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अनुसार दवा की बिक्री इसी पोर्टल के माध्यम से स्कैन करके अनिवार्य किया जा रहा है। इस कार्य में दिक्कत बहुत होगी।
इसके अनुसार दवा विक्रेता को मरीज को देने से पहले डॉक्टर का परचा स्कैन कर अपलोड करना पड़ेगा, इसके बाद बिल बना कर इस पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद फाइनल बिल पोर्टल द्वारा जारी करने तथा फाइनल इनवॉयस पोर्टल द्वारा जारी करेगा तभी वह दवा मरीज को दे पायेगा। यही प्रक्रिया थोक दवा व्यापारी को माल देने से पहले इनवॉयस अपलोड करेगा तथा फाइनल इनवॉयस पोर्टल द्वारा जारी करने के बाद ही दवा रिटेलर को दे पायेगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही इनवॉयस वैल्यू सरकार को व्यापारियों द्वारा दी जायेगी।
- श्री गुप्ता ने कहा कि इस सम्बन्ध में भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय, ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया से कई चरणों में वार्ता की गयी, परन्तु अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है।
- फेडरेशन के संरक्षक गिरिराज रस्तोगी ने कहा कि पूरे प्रदेश में खुदरा दवा व्यवसाय हेतु फार्मासिस्ट की उपलब्धता होने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में राज्य की फार्मेसी काउंसिल फार्मासिस्ट की संख्या अत्यंत कम होने के बावजूद धड़ल्ले से लाइसेंस जारी किये, अब लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है।
- पत्रकार वार्ता में लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन के पीआरओ सुरेश कुमार, रचित रस्तोगी, संगठन मंत्री ओपी सिंह, कोषाध्यक्ष सुदीप दुबे, मीडिया प्रभारी विकास रस्तोगी, अमित अग्रवाल, प्रभुनाथ त्रिपाठी, जसपाल भाटिया, आनंद रस्तोगी, तुषार रस्तोगी, अतुल तिवारी, संजय मल्होत्रा, पीएस त्रिपाठी महामंत्री अनिल जयसिंघ ओपी सिंह सहित अन्य व्यापारी उपस्थित थे।















