लखनऊ । 14 सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को प्राइवेट क्लीनिक व नर्सिंग होम बंद रहंेगे। इस प्रदेशव्यापी बंदी के लिए मुख्य प्रदर्शन दिल्ली में होगा, इसके लिए देर शाम राजधानी के विभिन्न चिकित्सकीय संगठनों के पदाधिकारी भाग लेने के लिए रवाना हो गये। वहीं सरकारी अस्पतालों के डाक्टर काला फीताबांध कर ड¬ूटी करेंगे। यह जानकारी देते हुए इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. पीके गुप्ता ने बताया कि छह जून को प्रात: आठ बजे देश भर के चिकित्सक राजघाट पर एकत्र होंगे। इसके बाद डाक्टर सफेद एप्रेन के साथ पैदल मार्च करते हुए आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. केके अग्रवाल, राष्ट्रीय सचिव वीएन टंडन सभा को सम्बोधित करेंगे।
मार्च में विश्व हिन्दू परिषद के डा. प्रवीन तोगड़िया चिकित्सक होने के नाते भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि कई बार विरोध प्रदर्शन के बावजूद डाक्टरों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। डाक्टर व उनके चिकित्सा संस्थानों के रजिस्ट्रेशन को एकल विन्डो के माध्यम से किया जाए तथा लाइसेन्स राज को समाप्त किया जाए। इलाज व जांच की प्रक्रिया का अपराधीकरण न होने दिया जाए। उन्होंने बताया कि नेशनल एक्जिट टेस्ट के प्रस्ताव को खारिज किया जाए, उसके स्थान पर एक समान फाइनल एमबीबीएस परीक्षा करायी जाए। केवल जेनरिक दवाओं को लिखने की बाध्यता न हो। एलोपैथिक दवा लिखने के लिए केवल एलोपैथिक चिकित्सको (एमबीबीएस एवं बीडीएस डाक्टर्स) को अधिकृत किया जाए। हेल्थ बजट बढ़ाकर 2.5 प्रतिशत किया जाए जो कि वर्तमान में लगभग एक प्रतिशत है।
प्रस्तावित क्लीनिकल इस्टेब्लिसमेन्ट एक्टर को खारिज किया जाए, उसके स्थान पर वर्तमान सीएमओ रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को सुधार के साथ ऑनलाइन किया जाए। पीसीपीएनडीटी एक्ट के लिपिकीय त्रुटि के अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाए। आवासीय क्षेत्र में चलने वाले क्लीनिक, डायग्नोस्टिक सेन्टर नर्सिंग होम को जनउपयोगी सुविधा के अन्तर्गत लैंड सिलिंग से मुक्त रखा जाए।















