लखनऊ। शहर में धीरे- धीरे कोरोना संक्रमण के केस बढ़ रहे है। शनिवार को एक साथ 13 लोगों में कोरोना संक्रमित मिले है। इससे पहले चार अक्तूबर को आठ लोगों में कोरोना संक्रमण मिला था। अगर आंकड़ों को देखा जाए तो लगभग 75 दिन बाद कोरोना संक्रमित इतनी ज्यादा संख्या में मिले है। इसके स्वास्थ्य अधिकारियों में हड़कम्प मच गया है। संक्रमित मरीजों की जीनोम सिक्वैसिंग का नमूना जांच के लिए भेजा गया है। वर्तमान में कोरोना के 44 सक्रिय मरीज राजधानी में हो गये है।
वही गाजियाबाद के दो लोगों ओमीक्रोन संक्रमण की पुष्टि होने के बाद हाई अलर्ट कर दिया गया है। राजधानी में अन्य राज्यों से आये लोगों की निगरानी तेज कर दी गयी है। इसके साथ ही कोरोना की आरटीपीसीआर की जांच कराने के साथ ही जीनोम सैम्पलिंग कराने के लिए सख्त निर्देश है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार कानपुर रोड स्थित एलडीए कॉलोनी निवासी एक परिवार के तीन लोगों में कोरोना संक्रमण मिला हैं। केस हिस्ट्री में पंजाब से लौटी इसी परिवार की महिला सदस्य कोरोना पीड़ित हो चुकी हैं। कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग में जांच के दौरान अन्य सम्पर्क में सदस्यों में संक्रमण का पता चला है। आंकड़ों के अनुसार एक परिवार के तीन सदस्यों के अलावा अलग-अलग क्षेत्रों के नौ मरीज हैं। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का मानना है कि ऐसे में लोगों संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमित के संपर्क में आने वालों में संक्रमण का होने की पुष्टि हो गयी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाहर जाने से पहले कोरोना की जांच कराने वाले पांच लोगों में संक्रमण मिला है। इसमें चार पुरुष व एक महिला शामिल है। इसके अलावा मां वैष्णो देवी की यात्रा से लौटे एक शख्स की तबीयत बिगड़ने पर जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं अलीगंज निवासी एक महिला को कुछ दिनों से सर्दी-जुकाम व बुखार की शिकायत बनी थी। टेस्ट कराने पर रिपोर्ट संक्रमण की पुष्टि हो गयी।
सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल का कहना है कि सभी संक्रमितों की कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग कराई जा रही है। अब तक 200 से अधिक लोगों के सैम्पल एकत्र किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सभी संक्रमित होम आईसोलेशन में है,लेकिन कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से मरीजों की स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। गैर राज्यों से आये लोगों के सैम्पलिंग के अलावा जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जा रही है। नमूने केजीएमयू जांच के लिए भेजे जा रहे है। डा. अग्रवाल ने बताया कि लोगों को मास्क लगाना अनिवार्य है। इसके साथ भीड़ भाड़ वाले स्थान व समारोह में जाने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी टीम बाहर से आने वाले स्थानों के अलावा फोकस सैम्पलिंग कर रही है। ताकि कही भी कही भी संक्रमण की गुजाइंश न रहे। ओमीक्रान के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सख्ती की जा रही है। बाहर से आये यात्री की हरहालत में जांच अनिवार्य है। अगर नहीं कराता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।












