लखनऊ । प्रदेश सरकार ने 102 व 108 एम्बुलेंस सेवा के लिए नये दिशा निर्देश जारी किये हैं। एम्बुलेंस सेवा प्रदाता को लाभार्थियों के लिए एक यूनिक केस आईडी एलाट करने के निर्देश दिये हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रत्येक माह की 10 तारीख को परिवार कल्याण महानिदेशालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने बताया कि 102 व 108 एम्बुलेंस संचालन में काफी अनिमितताएं प्रकाश में आयी हैं। इसलिए व्यवस्था को पारदर्शी आएगी आैर जरूरतमंदों का भी समय से इसका लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस से संबंधित पेशेन्ट केयर रिकार्ड व ड्राप बैक किये जाने वाले सभी लाभार्थियों का ड्राप बैक रिकार्ड के रखरखाव की भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। 24 घण्टे प्रदेश की सभी चिकित्सा इकाइयों में एम्बुलेंस सेवा से लाये जाने वाले रोगियों का अटेंड करने के लिए न्यूनतम 3 अधिकारियों/ कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। प्रत्येक रिपोर्टिंग अधिकारी/ कर्मचारी का उत्तरदायित्व होगा कि वे रोगी को रिसीव, डिस्चार्ज व ड्रॉप बैक करते समय पीसीआर/ डीबीआर को हस्ताक्षरित करेंगे। साथ ही दोनों सेवाओं के लिए अलग-अलग रजिस्टर भी रखने होंगे।












