लखनऊ। राजधानी में कोरोना संक्रमितों की तलाश के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चार दिन फोकस सैम्पलिंग अलग- अलग क्षेत्रों में लगभग दस हजार लोगों की जांच करायी गयी। जांच रिपोर्ट में दस हजार में मात्र तीन लोगों की जांच रिपोर्ट कोरोना संक्रमित निकली है। फोकस सैम्पलिंग की रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने सकून की सांस ली है।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए राजधानी में स्वास्थ्य विभाग ने 11 से 15 अक्तूबर के बीच अलग- अलग स्थान पर विभिन्न प्रकार के लोगों की फोकस सैम्पलिंग करायी गयी। इसके तहत रिक्शा, ई रिक्शा, थ्री व्हीलर, टैम्पो चालक के अलावा मंदिर, धार्मिक स्थल, पूजा सामग्री की दुकाने, मिष्ठान भंडार, फूल, आलमबाग की सप्ताह बाजार में आम व्यक्ति, दुकानदार व अन्य लोगों की जांच करायी गयी। इसके बाद 13 अक्तूबर को रेस्टोरेंट, होटल, कार बाजार, निशातगंज व अमीनाबाद की सप्ताहिक बाजार, दुर्गा पूजा पंडाल, मॉल, मल्टीप्लेक्स, दशहरा मेला स्थल पर लोगों की कोरोना जांच के फोकस सैम्पलिंग की गयी। सीएमओ प्रवक्ता योगेश रघुवंशी के मुताबिक आरटी-पीसीआर और एंटीजेन दोनों तरह की जांचे करायी गयी।
फोकस सैम्पलिंग के तहत 10 हजार लोगों के सैम्पल एकत्र किए गये। इन लोगों की जांच रिपोर्ट में तीन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। तीनों संक्रमित बिना लक्षण वाले मरीज मिले है। संक्रमित मरीज फिलहाल होम आइसोलेशन में है। स्वस्थ्य अधिकारियों के अनुसार सभी की स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। कोविड कमांड सेंटर से मरीजों की सेहत की निगरानी करायी जा रही है।
सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल के मुताबिक सामान्य दिनों में दस से 12 हजार लोगों की जांच करायी जा रही है। उन्होंने बताया कि लोग प्रोटोकाल के तहत मास्क जरूर लगाएं। भीड़ भाड़ में जाने से बचें। सर्दी-जुकाम होने पर डॉक्टर से परामर्श जरूर लें












