लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में ट्रामा सेंटर व शताब्दी अस्पताल के मिलन में वर्षो से खड़ी दीवार को तोड़ने का निर्देश सोमवार को कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने दे दिया। इस दीवार के टूटने से मरीजों को सड़क से आना जाना न होकर अंदर से ही शताब्दी अस्पताल में इलाज कराने आसानी से जा सकेंगे।
इसके अलावा न्यूरो सर्जरी व पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में मैन पॉवर बढ़ाने के अलावा ट्रामा मे बढ़ती मरीजों की भीड़ को देखते हुए ब्लड की जांच कराने के लिए एबीजे उपकरण भी दिये जाने की संस्तुति की है।
कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने सोमवार को एक बार फिर ट्रामा सेंटर का निरीक्षण किया। सेंटर के निरीक्षण में तीन महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सेंटर प्रभारी डा. हैदर अब्बास को निर्देश दिया कि शताब्दी अस्पताल जाने के लिए अभी तक बाहर से जाना पड़ता था। अगर इलाहाबाद बैंक के बगल की दीवार तोड़ दिया जाए तो मरीज, तीमारदार, डाक्टर व अन्य अंदर से शताब्दी जा सकते है।
उन्होंने निर्देश दिया कि पीडियाट्रिक व न्यूरो सर्जरी में मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए मैन पॉवर बढाई जाए। इसके साथ ही मरीजों की भीड़ को देखते हुए ब्लड की जंाच करने के लिए कहा है। डा हैदर अब्बास को एबीजे मशीन को स्थापित करने के लिए कहा है।
इसके अलावा डा अब्बास को ओपीडी व ट्रामा सेंटर के बीच में दंत संकाय के नये भवन में स्ट्रेचर स्ट्रैंड स्थापित करने के लिए कहा है। वहां पर बीस स्ट्रेचर मौजूद रहे। कुलपति के साथ निरीक्षण में सेंटर के प्रभारी डा. हैदर अब्बास, चिकित्सा अधीक्षक डा. विजय कुमार सहित अन्य डाक्टर मौजूद थे।















