डाक्टरों को मरीजों के प्रति व्यवहार कुशल होते हुए उनकी भावनाओं को समझना चाहिए, यह मरीज के हित में होता है आैर वह भी बेहतर इलाज कर लेता है। यह बात चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने क न्वेंशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय नार्थ जोन युवा फाग्सी सम्मेलन में कही। सम्मेलन में डाक्टरों ने महिलाओं को होने वाली थायराइड,क्षय रोग सहित अन्य बीमारियों के इलाज की नयी जानकारी दी।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री टंडन ने कहा कि मरीज चाहता है कि डाक्टर उनकी पूरी बात सुने आैर बीमारी की जानकारी देते हुए इलाज शुरू करे, पर वर्तमान समय पर डाक्टर मरीजों को समय कम देते है आैर जांच के आधार पर तत्काल दवा लिख कर चलता कर देते है। जांच रिपोर्ट को देखते हुए अगर कुछ समय मरीज की भी बात सुन ले तो मरीज को लगता है उसकी बीमारी अब जल्दी ठीक हो सकती है। पर आये दिन कहा सुनी व मारपीट की घटना सुनने को मिलती है। डाक्टर को व्यवहार कुशल होना चाहिए। सम्मेलन में डा. प्रीति कुमार ने कहा कि महिलाओं को बीमारियों के प्रति जागरूक होना चाहिए। अभी भी सर्वाइल कैंसर, ब्रोस्ट कैंसर की थर्ड स्टेज में आती है अगर शुरु दौर में आये आैर समय- समय पर जांच कराती रहे तो तत्काल इलाज किया जा सकता है। क्वीनमेरी की डा. एसपी जायसवार ने बताया कि जिनके ज्यादा बच्चे होते है तो उन्हें एंटीफोस्फोलिपिड सिंड्रोम की बीमारी हो सकती है। समय- समय पर जांच होने से इलाज आसान हो जाता है वर्ना जान भी जा सकती है। सम्मेलन में डा. जेके बंसल, डा, तृप्ति बंसल सहित अन्य वरिष्ठ डाक्टर मौजूद थी।