लखनऊ। यौनशोषण और बलात्कार केस में फंसे सपा के करीबी नेता गायत्री प्रसाद प्रजापति केस की जांच अब एसआईटी करेगी। इसके लिए एक टीम गठित की गई है। गायत्री केस में अफसरों की भूमिका की भी जांच होगी। इस पूरे मामले की जांच करने की जिम्मेदारी एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स को मिली। इस केस की जांच बदलने के लिए एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार ने आदेश दिए हैं।
बताते चले कि इस मामले में सीबीसीआईडी की जांच चल रही थी लेकिन इस जांच से महिला संतुष्ठ नहीं थी। इसके चलते आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पीड़िता को सुप्रीम कोर्ट की मदद लेनी पड़ी थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई थी। इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था। इस आदेश का पालन करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने विधिक राय लेने के बाद गायत्री प्रजापति समेत 7 लोगों के खिलाफ 18 फरवरी को गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया था। आरोपी मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, अशोक तिवारी, पिंटू सिंह, विकास वर्मा, चंन्द्र पाल, रूपेश और आशीष शुक्ला के खिलाफ थाना गौतमपल्ली में मुकदमा दर्ज है। गायत्री को अभी पिछले दिनों पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसे जमानत देने वाले जज को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
एसआईटी करेगी यौनशोषण और बलात्कार के मामले में फंसे गायत्री की जांच
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