लखनऊ। इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून (रविवार ) को है। राजधानी में इस ग्रहण का की शुरुआत पूर्वाह्न 10:26 से होगा आैर शीर्ष अवस्था दोपहर 12:11 बजे तथा ग्रहण मोक्ष यानी समाप्ति काल अपराह्न 1:58 होगा। इस सूर्यग्रहण का सूतककाल शनिवार को रात 10: 26 मिनट से शुरू हो जाएगा। ज्योतिषाचार्यो के मुताबिक ने यह सूर्य ग्रहण भारत, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, कांगो, इथियोपिया, पाकिस्तान और चीन सहित अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखायी देगा। 21 जून को उत्तरी गोलार्ध में सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात होती है। 21 जून को लगने वाला कंकणाकृति सूर्य ग्रहण मिथुन राशि मृगशिरा नक्षत्र में लगेगा। कंकणाकृति के ग्रहण के समय सूर्य किसी कंगन की भांति नजर आता है। ग्रहण के दौरान सूर्य वलयाकार की स्थिति में केवल 30 सेकंड की अवधि तक ही रहेगा। सूर्य ग्रहण के दिन 6 ग्रह वक्री होंगे। शनि, गुरु, शुक्र, बुध वक्री होंगे। राहू-केतु हमेशा वक्री रहते हैं।
सूर्य ग्रहण में 30 दिन के अन्दर ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव पड़ते है। ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण और ग्रहण के कारण पृथ्वी पर कास्मिक ऊर्जा का ह्नास होता है, जिससे पृथ्वी पर प्राकृतिक आपदायें आती है जैसे भूकंप समुद्री तूफान बाढ़ आदि का भी कारण बनते हैं। इसके अतिरिक्त आर्थिक मंदी राष्ट्रों में सीमा पर तनाव हो सकता है। यह ग्रहण बुध की मिथुन राशि में लग रहा है। मिथुन राशि में सूर्य, बुध और चंद्र ग्रह होंगे। बुध ग्रह व्यापार संचार कला अभिनय फसल हरियाली अर्थव्यवस्था मुद्रा शिक्षा यात्राओं शेयर बाजार का कारक है। बुध व्यापार संचार उद्योग से जुड़े लोगों पर प्रभाव डालेंगे। सूर्य और चंद्र सत्ता पक्ष और धार्मिक नेताओं पर प्रभाव डालेंगे।
ग्रहण काल के दौरान महामृत्युंजय मंत्र के जप भगवान शिव और भगवान विष्णु के मंत्र जप करना चाहिए। सूतक काल में देवी देवताओं की मूर्तियों को छूने की मनाही है। सूतक काल से ही गर्भवती महिलाओं को कुछ भी काटना नहीं चाहिए और न ही किसी भी प्रकार से सूईं धागे का प्रयोग करना चाहिए। सूतक लगने से पहले ही दान के लिए वस्तुएं निकाल लें और सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी जरूरतमंद को यह दान दे दें। सूतक समाप्त होने के बाद स्नान करें। सूर्यग्रहण में चार प्रहर (12 घंटे) पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। बूढ़े, बालक और रोगी 1 प्रहर (3 घंटे) पूर्व तक खा सकते हैं।
राशि अनुसार फल
मेष- पद सम्मान की प्राप्ति
वृषभ – व्यापार में हानि, परेशानी
मिथुन – घटना-दुर्घटना
कर्क-चोट की आशंका
सिंह – लाभ जीवनसाथी को सुख
कन्या – शुभ समाचार
तुला – वाद-विवाद हो सकता है
वृश्चिक – परेशानी
धनु-जीवनसाथी को कष्ट
मकर – शुभ
कुम्भ – तनाव व मानसिक परेशानी
मीन – अधिक खर्च रहेगा












