लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्याल के साथ ही गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया संस्थान में कोरोना की जांच व इलाज के दौरान प्रयोग होने वाली पीपीई किट खुद ही खरीद जा रहा है। केजीएमयू प्रशासन ने खुद को बचाने के लिए पीपीई किट खरीद का टेंडर जारी कर दिया, जबकि लोहिया संस्थान में भी किट खरीदी जा रही है। अब सप्लाई कार्पोरेशन से किट न लेकर खुद ही पीपीई खरीद पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया गया हैं। मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में कहा गया है कि सप्लाई कार्पोरेशन जब फ्री में भी किट देता है, उसके बाद भी दोनों चिकित्सा संस्थान स्वयंम पीपी किट क्यों खरीद रहे हैं। इस पर रोक लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गयी है।
यूपी सप्लाइ कॉर्पोरेशन एमडी श्रुति सिंह ने कहना है कि कार्पोरेशन में अलग- अलग श्रोतों से पीपीई किट आ रही है, यह सब नि:शुल्क मिल रही है, उसके देने में कोई शुल्क नहीं लेते हैं। यह हम खरीदते हैं कि उसका शुल्क उस संबंधित संस्थान के बजट से लेते हैं। इस प्रकरण में केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ सुधीर सिंह का कहना है कि सप्लाई कार्पोरेशन की ओर से एक निश्चित मात्रा में किट मिल रही है, जबकि हमे जरूरत ज्यादा है। इसलिए हमने टेंडर जारी किया है। सप्लाई कार्पोरेशन चाहे तो वो भी टेंडर डाल दे हम उनसे लेकर उन्हें भुगतान कर देंगे। वहीं लोहिया संस्थान के प्रवक्ता श्रीकेश सिंह का कहना है कि शुरुआती दौर में पीपीई किट की आपूर्ति कार्पोरेशन से हुई थी,लेकिन पीपीई किट की गुणवत्ता खराब मिल रही थी, जिस पर रोक भी लगाई गई थी। इसलिए हम अपने स्तर से किट की खरीद कर रहे हैं।












