लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल प्रशासन ने पांच वरिष्ठ डाक्टरों को काउंटर साइन का अधिकार दिया है। इनके हस्ताक्षर की मोहर बन गयी है, ताकि कोई फेक हस्ताक्षर बनाकर दवाएं न ले सके। ऐसी स्थिति में मरीजों को काउंटर साइन कराने प्रशासनिक अधिकारियों के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ओपीडी के मरीजों को महंगी दवा पाने के लिए डाक्टर की लिखी पर्ची के बाद अस्पताल के निदेशक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक या चिकित्सा अधीक्षक से काउंटर साइन कराने पड़ते हैं, इसलिए मरीजों को ओपीडी से निदेशक कार्यालय जाना पड़ता है। इसके बाद मुख्य आैषधि भण्डार या संबंधित काउंटर से दवा मिलती है। इस प्रक्रिया को छोटा आैर मरीजों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने नयी व्यवस्था शुरू की है।
अस्पताल के निदेशक डा. ईयू सिद्दीकी ने बताया कि जिन वरिष्ठ डाक्टरों के काउंटर साइन का अधिकार मिला है, उनमें डा. एपी मिश्रा, बीके यादव, डा. एसके सिंह, डा. केएल गुप्ता आैर डा. आरएन त्रिपाठी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यदि जरूरत पड़ेगी तो चिकित्सकों की संख्या आैर बढ़ायी जा सकती है, क्योंकि ओपीडी के डाक्टरों को इमरजेंसी व अन्य ड्यूटी भी करनी पड़ती हैं। इन डाक्टरों की मोहर बन चुकी है।












