लोहिया संस्थान में एक्यूट पेन मैनेजमेंट सर्विस शुरू

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लखनऊ। ऑपरेशन के बाद मरीज को बीमारी से तो निजात मिल जाती है, लेकिन शरीर पर लगे चीरे का दर्द असहनीय होता है। खासतौर पर छाती व उसके आस-पास के अंग के ऑपरेशन के बाद। क्योंकि पेट के ऊपर का हिस्सा सांस लेते वक्त फूलता और पिचकता है। जख्म वाले अंग में हरकत से दर्द बढ़ता है। अब लोहिया संस्थान में ऑपरेशन का दर्द कम होगा। इसके लिए एक्यूट पेन सर्विस शुरू की गई है। यह जानकारी गोमतीनगर स्थित लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. दीपक मालवीय ने दी।

डा. मालवीय आज पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इंडियन सोसाइटी ऑफ पेन क्लीनिशियंस (आईएसपीसी कॉन 2018) का आयोजन किया जा रहा है। निदेशक डॉ. दीपक मालवीय ने बताया कि 16 से 18 नवम्बर के बीच कॉन्फ्रेंस होंगी। इस दौरान मरीजों को दर्द से छुटकारा दिलाने के लिए उपलब्ध इलाज की तकनीक के अलावा नये शोध पर चर्चा करेंगे। उनका दावा है कि लोहिया संस्थान में एक्यूट पेन सर्विस में मरीजों को सर्जरी के दर्द से निजात दिलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेजर सर्जरी के बाद मरीज को वार्ड में खास तरह की मशीन पीसीए पंप दिया जाएगा। इसमें दवाओं की खुराक भरी होगी। मरीज असहनीय दर्द होने पर पंप को दबाएगा। यदि मरीज को पहली खुराक मे दर्द कम न होने पर तो वह निर्धारित समय के बाद दवा की दूसरी खुराक ले सकेगा। उन्होंने बताया कि शाम को कार्यशाला का उद्घाटन चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन करेंगे।

संस्थान के डॉ. सीके पांडेय ने बताया कि इसमें एक्यूटर पेन सर्विस अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि रोजाना 40 से ज्यादा संस्थान में ऑपरेशन हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा दर्द गुर्दा, लिवर, सीना काटकर दिल का ऑपरेशन आदि में मरीज को महसूस होता है। कान्फेंस में देश दुनिया से 300 से ज्यादा विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। 18 नवम्बर को केजीएमयू के एनॉटमी विभाग में कैडवर पर कार्यशाला होगी। डॉ. आरके त्रिपाठी और डॉ. पीके दास ने बताया कि रीढ़ की हड्डी व जोड़ों के दर्द पर भी कान्फ्रेंस में चर्चा होगी। डॉ. आरके त्रिपाठी ने बताया कि रीढ़ की हड्डी कई बार चोट लगने या फिर उम्र के साथ गड़बड़ा जाती है। इसकी वजह से नसों पर दबाव बढ़ने लगता है। नतीजतन दर्द व दूसरी मुश्किलें शुरू हो जाती हैं। बिना चीर-फाड़ इलाज संभव है। कार्यक्रम में डॉ. शिवानी रस्तोगी, डॉ. ममता हरजाई समेत अन्य डॉक्टर मौजूद थी।

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