लखनऊ। पीजीआई में ब्रेन डेड घोषित 43 वर्षीय संदीप कुमार से लिए गये लिवर का प्रत्यारोपण सफलता पूर्वक किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में कर दिया गया है। उनके इस महान कदम से पांच लोगों को नई जिंदगी मिली, जिनमें एक लिवर प्रत्यारोपण भी है। अब मरीज के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि पीजीआई में अंगों को सुरक्षित निकाल लिया लिया गया था, लेकिन वहां लिवर के लिए मानकों के अनुसार मरीज उपलब्ध नहीं था। ऐसे में केजीएमयू की कुलपति से संपर्क किया गया। केजीएमयू कुलपति ने तत्काल पहल करते हुए रिसीपिएंट की पहचान और प्रत्यारोपण की सभी औपचारिकताएं युद्धस्तर पर शुरू करा दिया। रविवार होने के बावजूद ऑपरेशन थिएटर, दवाएं और विशेषज्ञ टीम गठित करने और तत्काल उन्हें मौके पर बुलाना शुरू कर दिया गया।
मानकों को कसौटी पर रखते हुए 35 वर्षीय रवीन्द्र प्रताप सिंह को लिवर प्रत्यारोपण के लिए चुना गया था। रविवार शाम शुरू हुई सर्जरी सोमवार,23 फरवरी सुबह करीब 4–5 बजे तक चली। गैस्ट्रो सर्जरी और एनेस्थीसिया की टीम ने बिना पूर्व योजना की इस इमरजेंसी सर्जरी में 36 घंटे से अधिक लगातार काम कर जटिल सर्जरी को सफल बनाया।
डॉक्टरों के अनुसार वर्तमान में मरीज को एक्स्ट्यूबेट कर दिया गया है और कृत्रिम श्वसन नली हटा दी गई है। सभी महत्वपूर्ण पैरामीटर सामान्य चल रहे हैं और उनकी स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।












